मध्य प्रदेश

गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी कांग्रेस को रास नहीं आ रही: गोविंद मालू

भोपाल: खनिज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष गोविन्द मालू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का यह आरोप कि भाजपा समर्थित खाद व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने 45 फीसदी निजी क्षेत्र से खाद विक्रय का निर्णय लिया, हास्यास्पद, बचकाना और किसान विरोधी है। उनकी सरकार ने शत प्रतिशत और उसके बाद 80 फीसदी खाद सोसायटीयों के माध्यम से विक्रय करने का फैसला किया तब कालाबाजारी तो चरम पर पहुंची ही, खाद पर हाहाकार मच गया था, क्योंकि कई छोटे किसान जो सोसायटी के सदस्य नहीं है उन्हें सोसायटी द्वारा की जा रही “कलाबाजी” के चलते ऊंचे दामों पर “ब्लेक मार्केट” में खाद खरीदना पड़ा था। दूसरा, केंद्र को उन्होंने कितना खाद खरीफ के लिए चाहिए उसका पूर्व आकलन मांग नहीं भेजी थी।

मालू ने कहा कि कालाबाजारी न हो इसके लिए प्रशासन है, कानून है, लेकिन इच्छा शक्ति न हो तो राहत नहीं मिल सकती। इसलिए जब खुले बाजार में 45% खाद मिलेगी तो कालाबाजारी कहां होगी। यह कमलनाथजी को इसलिए समझ मे नहीं आएगा कि वे मैनेजर और उद्योगपति है; किसान नहीं। बड़े किसानों व पूंजीपतियों को लाभ मिले उनका ध्येय रहा है।

अब जब छोटा किसान लाभ पा रहा तो उन्हें तकलीफ हो रही, इस बार शिवराज सरकार ने रिकार्ड गेंहू खरीदी की। कृषि मंत्री कमल पटेल से जब चने,मसूर,उड़द की खरीदी की भी तारीख बढ़ाने का आग्रह किया तो उन्होंने तुरंत 10 जून तक बढ़ा दी।इससे छोटा किसान लाभान्वित हुआ।

इंदौर सहित 5 जिलों में5 जून तक गेंहू खरीदेंगे :राजपूत

खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द राजपूत से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि 5 जिलों जिनमे इंदौर, देवास, उज्जैन, शाजापुर, भोपाल शामिल है, गेंहू खरीदी 5 जून तक बढ़ाई जाती है। इंदौर के 32 केंद्रों में किसानों से यह गेंहू खरीदी शासन करेगा। पर्याप्त रूप से बारदान भी मिल जाएगा।