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ट्रंप को भारत का जवाब- हमें तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं, मुद्दा सुलझाने के लिए चीन से कर रहे बात

नई दिल्ली। लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति जारी है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को मध्यस्थता की पेशकश की थी। वहीं इस पर भारत ने गुरुवार को जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने पत्रकार वार्ता मेें कहा कि हमें किसी भी तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं है। हम शांति से इस मसले को सुलझाने के लिए चीन से संपर्क में है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने नेपाल और चीन के साथ मौजूदा संबंधों को लेकर कहा कि भारत और नेपाल के संबंध गहरे हैं। कोरोना संकट के दौरान भी दोनों देशों ने बिना लाइसेंस के व्यापार सुनिश्चित किया है। सीमा मुद्दे पर नेपाल में जो स्थिति बनी है उसको लेकर हमारे द्वारा निगरानी की जा रही है। श्रीवास्तव ने बताया कि आपसी समझ और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए भारत पड़ोसी देशों के लिए खुला रहा है।

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी गतिरोध को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने सीमा प्रबंधन को लेकर बहुत जिम्मेदार रुख अपनाया है। भारतीय सैनिकों ने दोनों पक्ष द्वारा स्थापित प्रोटोकॉल का पालन किया है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक हमारे नेतृत्व की ओर से दिए गए मार्गदर्शन का ईमानदारी से पालन कर रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत चीन के बीच जारी गतिरोध पर मध्यस्थता की पेशकश की थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि ‘हमने भारत और चीन दोनों को सूचित किया है अगर वह चाहे तो सीमा विवाद में अमेरिका मध्यस्था को तैयार है।’

युद्ध की तैयारियों का हुआ खुलासा

इससे पहले चीन का युद्ध की तैयारियां करने का खुलासा हुआ था। अंतराष्ट्रीय एजेंसी ब्त्प्च्त्प् ने एक सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों का खुलासा किया था। इन तस्वीरों के मुताबिक चीन मालदीप में एक टापू बना रहा हैं, जो भारत के लिए खतरनाक साबित हो सकता हैं। जानकारों का कहना है कि चीन सैन्य ताकत के द्वारा भारत को घेरने की प्लानिंग कर रहा है।