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घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी 90 करोड़ की सब्सिडी, 13 जून से बटेंगे बिजली बिल

इंदौर। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मप्र सरकार के आदेशों के तहत मालवा-निमाड़ के पात्र उपभोक्ताओं को कोविड के चलते रियायती दरों के बिल देने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। रियायती दरों के बिलों की छपाई प्रारंभ कर दी गई हैं, 13 जून से इन बिलों का वितरण भी प्रारंभ हो जाएगा।

यह जानकारी मप्रपक्षेविविकं इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री विकास नरवाल ने गुरूवार को समीक्षा बैठक में दी। उन्होंने कहा कि मार्च 2020 की खपत के मानक आधार पर पात्र उपभोक्ताओं को क्रमशः 50 रूपए, 100 एवं कुल बिल राशि के 50 फीसदी के बिल दिए जाएंगे। इन पात्र उपभोक्ताओं के अलावा शेष को प्रचलित दरों से बिजली बिलों का भुगतान करना होगा। श्री नरवाल ने कहा कि अनुमान हैं कि अप्रैल, मई एवं जून की खपत के आधार पर हर माह 20 लाख से ज्यादा उपभोक्ता कोविड की राहत वाले बिलों के दायरे में आएंगे। इन उपभोक्ताओं को तीन माह के दौरान सिर्फ कोविड राहत के लिए ही करीब 90 करोड़ सबिस्डी प्रदान की जाएगी। श्री नरवाल ने बताया कि राज्य शासन ने किसानों को सिंचाई के लिए दी जाने वाली बिजली की रकम अब डीबीटी से अदा करने की योजना बनाई है। किसानों को प्रदेश शासन द्वारा देय सब्सिडी की रकम अब डीबीटी माध्यम से बैंक से प्राप्त होगी। इस संबंध में मप्र के तीन जिले सिवनी, विदिशा एवं झाबुआ का चयन किया गया है। इससे किसानों को यह पता चलेगा कि उनके सिंचाई कनेक्शन के लिए सरकार 92 फीसदी रकम किस तरह चुका रही है। मप्रपक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक श्री विकास नरवाल ने बताया कि कंपनी क्षेत्र के झाबुआ जिले में डीबीटी की तैयारी की जा रही है। सभी किसानों के आधार नंबर, खाता खसरा नंबर एवं बैंक खाते अपटेड किए जा रहे हैं, यह कार्य एक एप से होने से सघन मानिटरिंग होगी। यह महत्वपूर्ण कार्य अगले एक माह में पूरा होने की उम्मीद हैं। श्री नरवाल ने बताया कि सरकार से किसानों के बैंक खाते में सबसिडी आएगी, लेकिन यह राशि बैंक के माध्यम से सीधे बिजली कंपनी को प्राप्त होगी, इसे किसान अन्य कार्यों में खर्च नहीं कर पाएगा ,इंदौर समेत मालवा व निमाड़ के करीब 11 लाख किसानों को पश्चिम क्षेत्र कंपनी सिंचाई के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण बिजली प्रदाय करती है। श्री नरवाल ने आंकलित खपत के गलत देयकों के समय पर सुधार करने, घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली प्रदाय करने, मैंटनेंस के शेष कार्य एक सप्ताह में पूर्ण करने आदि की भी समीक्षा की। इस दौरान डाय़रेक्टर श्री मनोज झंवर, चीफ इंजीनियर श्री सुब्रतो राय, श्री एसआर बमनके, एडिशनल चीफ इंजीनियर वर्क्स श्री आरके नेगी, सीएफओ श्री नरेंद्र बिवालकर, एसई श्री अंतिम जैन आदि ने भी विचार रखे।