चुनावी सीजन में सरकार को झटका, थोक महंगाई हुई 3.18 फीसदी | Election Season Government shocks, 3.18 percent of Wholesale Price

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चुनावी मौसम में मोदी सरकार महंगाई के मोर्चे पर घिरती नजर आ रही है। मार्च में थोक महंगाई दर के आंकड़ों में इज़ाफा हुआ है। फरवरी में महंगाई दर 2.93 फीसदी थी, जो मार्च में बढ़कर 3.18 फीसदी पर पहुंच गई है। वहीं प्राइमरी आर्टिकल्स की थोक मंहगाई दर पिछले महीने के 4.84 फीसदी से बढ़कर 5.07 फीसदी रही है जबकि इसी अवधि ईंधन और बिजली की थोक मंहगाई दर पिछले महीने की 2.23 फीसदी के बढ़कर 5.41 फीसदी रही है।

ये है वजह

थोक महंगाई दर में इजाफे की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने के चीजों और फ्यूल की कीमतों में तेजी रही है। मार्च में खाने-पीने के चीजों की थोक महंगाई में इजाफा हुआ है। पिछले महीने खाद्य महंगाई दर बढ़कर 5.68 फीसदी हो गया, जो कि फरवरी में 4.28 फीसदी था। इसके अलावा सब्जियों की थोक महंगाई दर फरवरी में 6.82 फीसदी थी जो बढ़कर 28.13 फीसदी हो गई।

मार्च में मैन्युफैक्चर प्रोडक्ट्स की थोक मंहगाई में कमी देखने को मिली है। मार्च में मैन्युफैक्चर प्रोडक्ट्स की थोक मंहगाई पिछले महीने के 2.25 फीसदी से घटकर 2.16 फीसदी रही है। वहीं नॉन फूड आर्टिकल्स की मंहगाई दर पिछले महीने के 5.05 फीसदी से घटकर 2.83 फीसदी रही है।

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