Ajit Doval से Pakistan क्यों कांपता है

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अर्जुन राठौर

पुलवामा हमले के बाद भारत द्वारा आतंकी शिविरों पर जो हमला किया गया उसके बाद अजीत डोभाल पूरे देश में चर्चा का केंद्र बन गए हैं इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि वे भारत के सबसे अच्छे रणनीतिकार हैं जो यह तय करते हैं कि भारत को अपने रक्षा मामलों में किस पालिसी पर काम करना चाहिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे विश्वासपात्र अधिकारी हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन पर आंख मूंदकर विश्वास करते हैं और सबसे बड़ी बात तो यह है कि अजीत डोभाल को पाकिस्तान अपना दुश्मन नंबर एक मानता है और इसकी वजह भी है पाकिस्तान को सबसे ज्यादा नुकसान अजीत डोभाल की नीतियों ने पहुंचाया है उनकी रणनीति ऐसी होती है जिसमें पाकिस्तान को मुंह की खाना ही पड़ती है हाल ही में जब भारतीय पायलट अभिनंदन को पाकिस्तान द्वारा गिरफ्तार किया गया तो उसके बाद अजीत डोभाल द्वारा ही एक ऐसी रणनीति तैयार की गई जिसमें पाकिस्तान को अभिनंदन को छोड़ना उसकी मजबूरी बन गया और पहली बार ऐसा हुआ कि 48 घंटों के भीतर भारती पायलट भारत की भूमि पर वापस आ गया।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी पाकिस्तान की संसद में जब यह घोषणा की कि वे अभिनंदन को भारत भेज रहे हैं तो सभी ने मेज थपथपा कर उनकी इस घोषणा का स्वागत किया और कहा जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे अजीत डोभाल का ही हाथ है पाकिस्तान अच्छी तरह से जानता था कि अगर उसने अभिनंदन के साथ कुछ भी किया तो उसे बहुत बड़ा मुआवजा देना होगा।

इधर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी बार-बार यह कहा जा रहा है कि उन्होंने सेना को खुली छूट दी है सेना अपने हिसाब से आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती यह सलाह भी अजीत डोभाल के कहने से दी गई हैं क्योंकि इसके पहले सेना को किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने के पूर्व सरकार से अनुमति लेना पड़ती है लेकिन अजीत डोभाल के कहने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सेना को खुली छूट दे दी गई है खुली छूट के ही मायने हैं कि पाकिस्तान इस बात से बेहद डरा हुआ है कि भारतीय सेना कभी भी कुछ भी एक्शन ले सकती है।

सबसे बड़ी बात तो यह है अजीत डोभाल भारत की ओर से पाकिस्तान में जासूस थे और वे अपने ही बूते पर 6 साल तक वहां मार्शल के पद तक पहुंच गए थे यही वजह है कि उन्हें पाकिस्तान के हर अंदरुनी मामले की जानकारी है और पाकिस्तान इसी वजह से उनसे ख़ौफ़ भी खाता है। 1945 में एक गढ़वाली उत्तराखण्ड ब्राह्मण परिवार में जन्म हुआ पिता आर्मी में ब्रिगेडियर थे। 1968 में IPS का एग्जाम टॉप किया। केरल batch के IPS officer बने।

* 17 साल की duty के बाद ही मिलने वाला medal 6 साल की duty के ही बाद मिला।
* पाकिस्तान में जासूस के तौर पर तैनाती। पाकिस्तान की आर्मी में मार्शल की पोस्ट तक पहुंचे और 6 साल भारत के लिए जासूसी करते रहे।
* 1987 में खालिस्तानी आतंकवाद के समय पाकिस्तानी agent बनकर दरबार साहिब के अंदर पहुंचे। 3 दिन आतंकवादियों के साथ रहे। आतंकवादियों की सारी information लेकर operation black thunder को सफलता पूर्वक अंजाम दिया।
1988 में कीर्ति चक्र मिला। देश का एक मात्र non army person जिसे यह award मिला है।
*असम गए। वहां उल्फा आतंकवाद को कुचला।

* 1999 में plane hijacking के समय आतंकवादियों से dealing की
* RSS के करीबी होने के कारण मोदी ने सत्ता में आते ही NSA (National Security Advisor) बनाया
* बलोचिस्तान में raw फिर से active की। बलोचिस्तान का मुद्दा international बनाया।
* केरल की 45 ईसाई नर्सों का iraq में isis ने किडनैप किया। डोभाल खुद इराक गए।
* राष्ट्रपति अवार्ड मिला।

* 2015 मई में भारत के पहले सर्जिकल operation को अंजाम दिया। भारत की सेना म्यामार में 5 किमी तक घुसी । 50 आतंकवादी मारे।
* नागालैंड के आतंकवादियों से भारत की इतिहासिक deal करवाई। आतंकवादी संगठनों ने हथियार डाले।
* भारत की defence policy को agressive बनाया। भारत की सीमा में घुस रहा पाकिस्तानी ship बिना किसी warning के उड़ाया और कहा कि बिरयानी खिलाने वाला काम नही कर सकता।
* कश्मीर में सेना को खुली छूट दी। pallet gun सेना को दिलवाईं। पाकिस्तान को दुनिया के मुस्लिम देशों से ही तोड़ दिया।
* 2016 september आज़ाद भारत के इतिहास का 1971 के बाद सबसे इतिहासिक दिन। डोभाल के बुने गए surgical operation को सेना ने दिया अंजाम। PoK में 3 किलोमीटर घुसे। 40 आतंकी और 9 पाकिस्तानी फौजी मारे।

एक वो बाजीराव था जो कहा करता था मैं दिल्ली जीत सकता हूँ । एक डोभाल है जो कहते है की मैं इस्लामाबाद जीत सकता हूँ।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार है

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