यूपीएससी परीक्षा में संविधान के खिलाफ जाकर नियुक्ति मोदी सरकार को पड़ेगी भारी | UPSC Exam goes against the Constitution

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UPSC Exam-

दिलीप मंडल

मोदी सरकार संविधान का बलात्कार करके सीधे ही अपने समर्थको और चहेतों को आईएएस का पद दे रही है, ये बात सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे सभी दोस्तों, रिश्तेदारों को तुरंत बताएँ।

देश के 15 लाख युवा हर साल सिविल सर्विस के लगभग 900 पदों के लिए जान लड़ाते हैं। टॉप के अफ़सर बनने का यही तरीक़ा था। इनमें आधी सीटें एससी, एसटी, ओबीसी के लिए होती थीं। “थीं” इसलिए लिख रहा हूँ क्योंकि आज़ादी के बाद से अब तक लगातार चली आ रही इस व्यवस्था को मोदी सरकार ने तोड़ दिया है।

पहली बार नौ अफ़सर सर्वोच्च पदों पर सीधे आ गए हैं जिनके लिए न प्रिलिम्स परीक्षा हुई न मेंस। इन नियुक्तियों में आरक्षण नहीं है। सरनेम देखकर आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि किनकों ये पद दिए जा रहे हैं। सवर्ण तुष्टीकरण में मोदी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं। जिन दलों से हम उम्मीद करते हैं कि वे विरोध करेंगे, वो आलसी बन चुके हैं।

जनता अपने दम पर 2 अप्रैल और 5 मार्च को भारत बंद कर चुकी है। ऐसे तीसरे आंदोलन की अब शायद गुंजाइश नहीं। ऐसे किसी आंदोलन में बहुत सारे लोगों का ढेर सारा दम और समय लगता है। मेरे वश में तो नहीं है। कोई रास्ता हो तो आप लोग बताएँ।

वरिष्ठ पत्रकार

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