कोरोना के सन्दर्भ में पूर्व सीएम ने लिखा पत्र, कहा- प्रदेश में कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ाये

Share on:

भोपाल, दिनांक 18 अगस्त 2020
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा गम्भीर प्रयास न किए जाने पर चिंता व्यक्त की है। नाथ ने कहा कि हाल ही में आई रिपोर्ट में कोरोना टेस्ट के मामले में मध्यप्रदेश की स्थिति देश में सबसे अंतिम है याने फिसड्डी है। स्पष्ट है कि सरकार के प्रचार-प्रसार के दावे झूठे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मांग की है कि प्रदेश में टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता का जीवन सुरक्षित हो सके।


नाथ ने अपने पत्र में कहा कि सम्पूर्ण विश्व कोरोना वायरस की महामारी से निजात पाने के लिए हर प्रकार के जतन कर रहा है। हमारे देश और प्रदेश में भी इस महामारी को परास्त करने के लिए हर संभव कोशिश करने की आवश्यकता है।
नाथ ने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि देश के अन्य प्रदेशों की तुलना में मध्यप्रदेश में कोरोना के टेस्ट आज भी अत्यंत कम किये जा रहे हैं। जबकि इस महामारी से नियंत्रण पाने का एक ही तरीका है कि संक्रमित लोगों को चिन्हित किया जाकर उन्हें स्वस्थ लोगों से पृथक किया जाये। नाथ ने बताया कि अगस्त, 2020 के मध्य तक प्रति 10 लाख व्यक्तियों पर किये गये कोरोना टेस्ट में मध्यप्रदेश द्वारा किये गये टेस्ट का औसत केवल 12 हजार है जबकि दिल्ली, आंध्रप्रदेश और असम जैसे राज्यों में यह औसत 50 हजार से भी अधिक है और इस प्रकार कोरोना टेस्ट कराने में मध्यप्रदेश की स्थिति कोरोना से सर्वाधिक संक्रमित देश के 15 राज्यों में 15वीं अर्थात अंतिम है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
नाथ ने कहा कि सरकार द्वारा इस गम्भीर विषय पर चलाये गये अभियान केवल रस्म अदायगी एवं प्रचार-प्रसार तक ही सीमित है। स्पष्ट है कि सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयास गंभीर नहीं हैं।
नाथ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि कोरोना जैंसे महत्वपूर्ण विषय पर गंभीर प्रयास प्रारंभ किए जाएं, ताकि हमारा प्रदेश न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर संक्रमण मुक्त होने का उदाहरण पेश कर सके और हमारे प्रदेश के आम जन को इस महामारी से राहत मिल सके।