Breaking News

कालानी नगर मेन रोड आवासीय प्लॉट पर बिल्डिंग तानी और मारुति का शोरूम खड़ा कर दिया | Illegal Construction at Kalani Nagar Indore

Posted on: 20 Apr 2019 17:31 by Surbhi Bhawsar
कालानी नगर मेन रोड आवासीय प्लॉट पर बिल्डिंग तानी और मारुति का शोरूम खड़ा कर दिया | Illegal Construction at Kalani Nagar Indore

इंदौर। कालाली नगर मेन रोड पर प्लॉट नंबर 619 में आवासीय प्लॉट पर बिल्डिंग तानकर वहां मारुति शोरूम खोलने का गंभीर मामला सामने आया है जिसे लेकर डिमांड ऑफ जस्टिस का नोटिस भी जारी किया गया है ।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि यहां पर रहवासी नक्शा दिनांक 10 जुलाई 1990 को पत्र क्रमांक 948 द्वारा स्वीकृत कराया गया था। उसके पश्चात पुनः नया नक्शा रहवास के लिए 29 अगस्त 2016 को पुनः पास कराया गया जिसमें रहवासी भवन की अनुमति मांगी गई जो पत्र क्रमांक 3094 द्वारा दी गई। इसके अलावा टाउन प्लानिंग से भी यहां पर मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम के तहत अनुमति ली गई वह भी आवासीय उद्देश्य ली गई थी।

लेकिन इस बिल्डिंग पर गैरकानूनी ढंग से व्यवसायिक भवन बना दिया गया और वहां पर कांठेड़ मोटो कार्प के नाम से मारुति सुजुकी वाहनों की बिक्री करने का अवैधानिक व्यवसाय शुरू हो गया।

इस पूरे मामले में एडवोकेट जगदीश कुमार तापड़िया द्वारा अपने पक्षकार आशीष द्विवेदी पिता सुदर्शन द्विवेदी निवासी बख्तावर राम नगर की ओर से डिमांड ऑफ जस्टिस का एक सूचना पत्र जारी किया गया है जिसमें उन्होंने कहा है कि 2016 में जो नक्शा नगर निगम से मंजूर करवाया गया था। उसमें उक्त प्लाट पर सिर्फ रहवासी बिल्ट अप एरिया कुल 218 .65 वर्ग मीटर जिसमें प्रथम मंजिल 72.8 8 द्वितीय मंजिल 72.88 मंजिल 72 .88 आवास हेतु स्वीकृत कराई गई थी।

और नक्शा स्वीकृत करवाते समय एक शपथ पत्र भी नगर निगम को दिया गया था जिसमें यह कहा गया था कि सदर भवन का कोई भी भाग प्रकोष्ट बनाकर विक्रय नहीं करेंगे और अपने ही आवास के उपयोग में लेंगे लेकिन अशोक पिता मनसुखलाल जैन शांता पति अशोक जैन अमीश पिता अशोक जैन 28 शक्कर बाजार इंदौर तथा कांठेड़ मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड तर्फे डायरेक्टर नरेंद्र कांठेड़ पिता मिश्रीलाल गौतम कांठेड़ पिता नरेंद्र द्वारा दिए गए शपथ पत्र के विरुद्ध आपराधिक ढंग से यहां पर व्यवसायिक भवन बना लिया गया। इस तरह से नगर निगम में सांठगांठ करके रहवासी भवन पर व्यवसायिक भवन खड़ा किया गया और वहां पर मारुति शोरूम संचालित कर दिया गया।

सूचना पत्र में यह कहा गया है कि स्वीकृत मान चित्र अनुसार जी प्लस 3 की मंजिल में तल पर पार्किंग प्लान प्रथम मंजिल पर टीवी रूम, किचन, टॉयलेट, बालकनी। द्वितीय मंजिल पर फैमिली रूम, बैडरूम, टॉयलेट, बालकनी। तीसरी मंजिल पर लिविंग रूम, बेड रूम, बालकनी, टॉयलेट था परंतु यहां पर स्वीकृत प्लान का सरेआम उल्लंघन करते हुए प्लाट का उपयोग बिना डायवर्शन कराएं अवैधानिक रूप से कमर्शियल कर लिया गया। इस तरह से यहां पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की गई है और नगर निगम तथा टाउन प्लानिंग के साथ धोखाधड़ी भी की गई है।

सूचना पत्र में यह भी कहा गया नगर निगम में झूठा शपथ पत्र निवास हेतु दिया गया और उससे नक्शा मंजूर करवा लिया और उसके बाद सभी ने मिलकर स्वीकृत नक्शे को आधार बनाकर दिनांक 2 जुलाई 18 को प्रकोष्ठ पंजीकरण क्रमांक एमपी के जरिए ऊंची रिश्वत देकर रहवासी प्रकोष्ट बनाने की बजाय व्यवसायिक प्रकोष्ठ की एंट्री फर्जी ढंग से कूट रचित दस्तावेज देकर करा ली गई और इस तरह से एलजी एक के स्थान पर प्रकोष्ठ क्रमांक u जी 1 बड़ी ही चालाकी से कुटकरन करके फर्जी प्रकोष्ठ व्यावसायिक कर लिया गया जबकि बिना डायवर्शन करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आकर शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान होता है।

सूचना पत्र में यह भी कहा गया है कि यह प्लाट 4400 वर्ग फीट का है और इसका पहला मालिक देशराज ठाकुर दास था। इसके बाद दूसरा मालिक विशाल मोहनलाल डूंगरवाल बना और उसके बाद यह प्लाट का तीसरा मालिक अशोक जैन शांता चयन के साथ ही चौथे मालिक का कांठेड़ मोटर्स वाले नरेंद्र तथा गौतम बने।

आशीष त्रिवेदी द्वारा अपने एडवोकेट जगदीश कुमार तापड़िया के माध्यम से दिए गए इस नोटिस में चेतावनी दी गई है कि उक्त भवन का व्यवसायिक हिस्सा तोड़ कर पुनः यहां पर रहवासी गतिविधियां आरंभ की जाए अन्यथा नगर निगम टाउन प्लैनिंग से लेकर आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा सभी दूर न केवल शिकायत की जाएगी बल्कि प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में एक धोखाधड़ी का मुकदमा भी दायर किया जाएगा।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com