जम्मू-कश्मीर : अगर पांच को पकड़ा है तो एक को ही रखा है- डीजीपी

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श्रीनगर। डीजीपी दिलबाग सिंह ने कबूल किया है कि पुलिस ने हर पांच में से चार पत्थरबाजों को छोड़ दिया कि उनके खिलाफ सबूत नहीं मिले। कश्मीर में लगभग एक महीने से चल रही उथल-पुथल के बीच डीजीपी ने कहा कि ऐसी घटनाओं में लगातार कमी आ रही है।उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे हादसों को रोकने के लिए लोगों के साथ मिल कर काम कर रही है। एक महीने में लगभग 300 पत्थरबाजों को छोड़ा गया। उन्होंने कहा कि कश्मीर के हालात काबू में हैं। छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़ दें, तो एक महीने से यहां लगभग शांति है। विदेशी मीडिया भी यह बात मान रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर में कल उन्होंने दो घंटे बिताए। ज्यादातर इलाकों में लोगों से बात के दौरान पता चला कि यहां दो साल बाद शांति कायम हुई है। दो साल पहले डीएसपी को भीड़ ने मार दिया था। लोग अब बिना डरे सड़कों पर निकलते हैं। हालांकि, बंद दुकानों को खुलवाने के लिए हम किसी पर दबाव नहीं डाल सकते। यह उनकी सोच है। हम चाहते हैं कि हालात का कोई बेजा फायदा नहीं उठा सके। इलाके के 92 थानों से प्रतिबंध हटा लिए हैं। केवल तेरह थाने ऐसे हैं, जहां कड़ाई जारी है।

मोहर्रम के पहले कश्मीर में फिर कर्फ्यू जैसे हालात
मोहर्रम का जुलूस रोकने के लिए श्रीनगर सहित राज्य के तमाम हिस्सों में कल पाबंदी लगा दी गई। अफसरों को शंका है कि धार्मिक कार्यक्रम में हिंसा हो सकती है।श्रीनगर के लाल चौक की दुकानों और आसपास के इलाकों में तारबंदी कर लोगों की आवाजाही रोकी गई है। इलाका सील कर दिया है। कल मोहर्रम है। हालांकि, अफसरों ने पाबंदियां लगाने के पीछे कोई कारण नहीं बताया है। यहां आपात स्थिति में लोगों को बैरिकेड्स पार करने की मंजूरी दी है। बसों के लिए कफ्र्यू पास देने से इंकार कर दिया गया है।

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