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किसी ने झूठी FIR लिखवा दी तो तुरंत करे यह काम, छोड़ देगी पुलिस

Posted on: 25 Jun 2018 16:12 by Ravi Alawa
किसी ने झूठी FIR लिखवा दी तो तुरंत करे यह काम, छोड़ देगी पुलिस

आज के ज़माने में अपराध बहुत ही बढ़ गए है, किसी के साथ भी कभी भी कोई भी आपराधिक घटना हो सकती है. आपराधिक घटना होने के बाद पीड़ित व्यक्ति पुलिस में FIR करवाने जाता है. FIR पुलिस के रजिस्टर में दर्ज एक लिखित दस्तावेज होता है, जिसे ज्यादातर मामलों में किसी आपराधिक घटना के पीड़ित द्वारा ही लिखवाया जाता है.

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किसी भी व्यक्ति के साथ हुई आपराधिक घटना की पुलिस में शिकायत करना या FIR (First Information Report) लिखवाना उस व्यक्ति का मौलिक अधिकार है. लेकिन आजकल बहुत से लोग किसी को परेशान करने के लिए या झूठे आरोप में फंसाने के लिए इसका गलत उपयोग करने लग गए है.

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जी हाँ आजकल बहुत से लोग इसका गलत फायदा उठाकर चोरी, मारपीट, बलात्कार जैसे मामले में  किसी के भी खिलाफ झूठी शिकायत या FIR लिखवा देते है. अगर आपके साथ भी ऐसी ही घटना हुई है या किसी ने आपके खिलाफ झूठी शिकायत या FIR लिखवा दी है तो आप भी इससे बच सकते है.

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झूठी एफआईआर से बचने के लिए आपको कुछ भी नहीं करना है, आपको सिर्फ धारा 482 का उपयोग करना है जो आपका अधिकार है. आपको एक वकील के जरिये हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र भेजना है. इसके साथ आप ये भी बता सकते हैं कि आपके खिलाफ जो भी FIR दर्ज की गई है वो गलत है. झूठी शिकायत या FIR से बचने के लिए आप हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं. इसके अलावा आप अपनी बेगुनाही के सबूत के तौर पर ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटोग्राफ्स भी प्रार्थना पत्र के साथ हाईकोर्ट को भेज सकते है.

खास बात आपको बता दे कि जब तक हाईकोर्ट से आपके मामले में फैसला नहीं आ जाता है. पुलिस आपको गिरफ्तार नहीं कर सकती है. इसके अलावा आपके खिलाफ पुलिस कोई कानूनी कार्रवाई भी नहीं कर सकती है. जो भी व्यक्ति बेगूनाह है वो यह दो शब्द धारा 482 को याद रखे जिसके तहत बचा सकता है.

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