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आईडीएफसी बैंक ने की वित्तीय साक्षरता पहल 

Posted on: 15 Jun 2018 14:01 by Praveen Rathore
आईडीएफसी बैंक ने की वित्तीय साक्षरता पहल 

होशंगाबाद: आईडीएफसी लिमिटेड की सहायक कंपनी आईडीएफसी फाउंडेशन ने समूह के सीएसआर एजेंडा के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) के साथ साझेदारी कर आज मध्य प्रदेश में अपनी राष्ट्रीय वित्तीय साक्षरता पहल की शुरुआत की है । इस पहल को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले से शुरू किया गया है, जो राष्ट्रव्यापी लॉन्च के लिए पहचाने जाने वाला पहला जिला होगा । इसकी शुरुआत जिले में एक रिसोर्स व्यक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ हुई ।

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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) एक सार्वजनिक ट्रस्ट है जो सिक्योरिटीज  एक्स्चेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) द्वारा स्थापित किया गया है। कार्यक्रम का उद्घाटन संदीप घोष, पूर्व निदेशक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स द्वारा किया गया।  डॉ राजीव उबेरॉय, जनरल काउंसिल एंड ग्रुप हेड-लीगल एंड कंप्लायंस, आईडीएफसी बैंक एवं आशीष सिंह आईडीएफसी बैंक के प्रमुख शाखा नेटवर्क और एसेट प्रोडक्ट्स उपस्थित थे।

मुफ्त प्रशिक्षण

यह कार्यक्रम आईडीएफसी फाउंडेशन द्वारा देशभर में ऐसे स्थान जहां बैंक नहीं है, वहां वित्तीय साक्षरता लाने के लिए एक बड़े प्रयास का हिस्सा है। रिसोर्स व्यक्तियों में विकास संगठन, एनजीओ या सीएसआर एजेंसियों के साथ काम करने वाले व्यक्ति शामिल होंगे। आईडीएफसी फाउंडेशन उन्हें वित्तीय साक्षरता के विभिन्न पहलुओं का मुफ्त प्रशिक्षण प्रदान करेगा। ये रिसोर्स व्यक्ति राज्यभर में समुदाय के सदस्यों के लिए समान सत्र आयोजित करेंगे।

होशंगाबाद जिले में शुरू की  ‘श्वेतधर’ 

आईडीएफसी ग्रुप की सीएसआर शाखा आईडीएफसी फाउंडेशन आईडीएफसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। फाउंडेशन ने वित्तीय समावेश, वित्तीय साक्षरता और डेयरी विकास में राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों को लागू किया है। फाउंडेशन ने होशंगाबाद जिले में कई तरह की विकास गतिविधियां की हैं, जिनमें ‘श्वेतधर’ शामिल है, जो डेयरी खेती के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को बढ़ाने के लिए एक अच्छी पहल है। आईडीएफसी बैंक के साथ साझेदारी में, फाउंडेशन ने अकेले होशंगाबाद जिले में वित्तीय समावेशन उपकरणों के साथ 100 से अधिक मित्रास सुसज्जित किए हैं। वित्तीय समावेशन उपकरणों की सहायता से, होशंगाबाद जिले के 450 से अधिक गांवों में समुदाय के सदस्य अपने घरों के नजदीकी इलाके में अपने बैंक खातों से धन वापस लेने, जमा करने और स्थानांतरित करने में सक्षम हैं। फाउंडेशन ने 70,000 से अधिक पशु उपचार आयोजित करके डेयरी किसानों का भी समर्थन किया है।

देश भर में बैंक की 150 शाखाएं हैं, जिनमें से 100 मध्य प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, त्रिपुरा और मेघालय में अर्ध शहरी और ग्रामीण स्थानों में स्थित हैं।

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