Breaking News

कहीं आप भी बिजी लाइफ में खाने को लेकर ऐसी गलती तो नहीं कर रहे, हो जाए सतर्क

Posted on: 13 Jun 2019 16:54 by rubi panchal
कहीं आप भी बिजी लाइफ में खाने को लेकर ऐसी गलती तो नहीं कर रहे, हो जाए सतर्क

आज कल हम जीवन में इतने व्यस्त हो गए है कि हमे हमारी सेहत का ध्यान रखने की भी फुर्सत नहीं है। ऐसे में हमने हमारे खानपान के बारे में सोचना ही छोड़ दिया है। जब फुर्सत होती है कुछ भी खा लेते है। किसी भी तरिके से बिना कुछ सोचे की इसका हमारी सेहत पर कितना बुरा असर हो सकता है। आज कल तो बिजी लाइफ में हमने बैठ कर खाना भी छोड़ ही दिया है। कभी भी चलते हुए कैसे भी कुछ भी खा लेते है। लेकिन यह आदत आपकी के साथ खिलवाड़ है।

हमारे बुजुर्ग हमेशा हमे बैठकर खाना खाने को कहते है, लेकिन हम कहा कभी उनकी बात मानते है। लेकिन वैज्ञानिक भी इस तरह खाने के लिए मना करते है कारण यह है कि चलने-फिरने पर खून का प्रवाह प्राकृतिक रूप से अपने आप ही हमारे हाथों-पैरों की ओर मुड़ जाता है और भोजन के लिए जो पर्याप्त मात्रा में खून हमारे पाचन तंत्र को चाहिए वो नहीं पहुंच पाता।

भारतीय संस्कृति में भी जमीन पर खाने को क्हते है

भारतीय संस्कृति में और आयुर्वेद में भी इस तरह खाने को लेकर कहा गया है। हमारी संस्कृति और आयुर्वेद में माना गया है कि भोजन जमीन पर बैठकर खाना चाहिए। इसके पीछे भी वैज्ञानिक कारण है कि बैठ जाने पर सभी मांसपेशियां सही स्थिति में आ जाती हैं और कुछ एक्यूप्रेशर बिंदु ऐसे हैं, जिनके ऊपर दबाव पड़ने से पूरे पाचन तंत्र का रक्त प्रवाह ठीक हो जाता है।

इस पर वैज्ञानिकों का यह है कहना

भोजन का शरीर में उत्तम प्रभाव के लिए मन में भोजन करते हुए स्वस्थ रहने की भावना को कड़ा करना होगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि भोजन करते समय आपका ध्यान केवल भोजन पर ही होना चाहिए। इसे माइंडफुल ईटिंग कहते हैं और यह केवल बैठकर ही संभव है। हर काम को पूरा समय दें, जल्दबाजी ना करें, भागदौड़ में नुकसान ही होता है इसलिए खाना अवश्य बैठकर आराम से खाएं। इससे खाना आपके शरीर को लगेगा और आपको उसका लाभ भी मिलेगा।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com