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Ghamasan Exclusive: 2008 में ऐसी ही परिस्थितियों में येदियुरप्पा ने जुगाड़ा था बहुमत

Posted on: 19 May 2018 06:41 by Surbhi Bhawsar
Ghamasan Exclusive: 2008 में ऐसी ही परिस्थितियों में येदियुरप्पा ने जुगाड़ा था बहुमत

कर्नाटक: ‘येदियुरप्पा की कुर्सी बचेगी या जाएगी’ इसका फैसला शाम 4:00 बजे होगा। लेकिन यह पहला मौका नहीं है जब कर्नाटक विधानसभा में ऐसी स्थिति बनी है। येदियुरप्पा इससे पहले भी बहुमत से कुछ दूर खड़ी बीजेपी को बड़ी कामयाबी के साथ बहुमत दिला चुके हैं। यह वाकया है 2008 का, जब यदुरप्पा मुख्यमंत्री की शपथ ले चुके थे और बीजेपी के पास सिर्फ 110 विधायक थे।

बहुमत के लिए तीन विधायक और चाहिए थे, लेकिन यदि येदियुरप्पा  ने कुछ ऐसा जादू चलाया कि कुल 7 विधायक विपक्षी दल से तोड़ लाएं। 7 विधायकों का इस्तीफा करवा दिया और अपनी सरकार बचा ली और बना भी ली। 10 साल बाद येदियुरप्पा के साथ ऐसी ही स्थिति बनी है। आईए आपको बताते है पूरा मामला-Image result for येदियुरप्पा ने जुगाड़ था बहुमत

2008 में येदियुरप्पा को बहुमत के लिए 3 विधायकों की जरुरत थी और येदियुरप्पा ने 7 विधायक जुटाए थे। बीजेपी ने ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए कांग्रेस के तीन और जेडीएस के 4 कुल 7 विपक्षी विधायकों को इस्तीफा दिलाकर अपनी सरकार बचाई थी।Image result for येदियुरप्पा  बहुमतबहुमत के लिए तीन विधायकों की जरूरत और थी. बीजेपी ने ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए कांग्रेस के तीन और जेडीएस के 4 कुल 7 विपक्षी विधायकों को इस्तीफा दिलाकर अपनी सरकार बचाई थी। आज 10 साल के बाद क्या येदियुरप्पा फिर अपनी कुर्सी को बचाने के लिए वैसा ही इतिहास दोहराएंगे?

दरअसल, 2007 में येदियुरप्पा पहली बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने थे. लेकिन उस समय महज 7 दिन के लिए ही मुख्यमंत्री रह पाए थे। उस समय बीजेपी के पास 79, कांग्रेस के पास 65 और जेडीएस के पास 58 विधायक थे। 2006 में जेडीएस और बीजेपी के बीच आपसी तालमेल हुआ था।Image result for येदियुरप्पा ने जुगाड़ था बहुमतइस तालमेल के तहत पहले जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने, लेकिन जब 2007 में बीजेपी की बारी आई तो उन्होंने धोखा दे दिया। इसके बाद 189 दिन के लिए कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाया गया।

2008 में फिर विधानसभा चुनाव हुए तो बीजेपी 110 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. जबकि कांग्रेस को 80 और जेडीएस को 28 सीटें मिलीं। उस समय भी बीजेपी ने सबसे बड़ी पार्टी होने के चलते सरकार बनाने का दावा किया और बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन बहुमत साबित करने के लिए 3 विधायकों की जरुरत थी।Image result for येदियुरप्पा ने जुगाड़ था बहुमतउस समय बीजेपी ने बहुमत साबित करने  के लिए ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाया।बहुमत परीक्षण से पहले येदियुरप्पा ने धन-बल के इस्तेमाल से कांग्रेस के तीन और जेडीएस के चार विधायकों को उनकी सीट से इस्तीफा दिलवा दिया। इसके बाद उपचुनाव में बीजेपी ने सभी 7 को पार्टी का टिकट देकर चुनाव लड़ाया।

इन 7 विधायको में से 5 ने बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की। विधायको की जीत के बाद कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी विधायकों का आंकड़ा 110 से 115 पर पहुंच गया और बीजेपी बहुमत साबित करने में सफल हुई।Image result for येदियुरप्पा ने जुगाड़ था बहुमत

Ghamasan.com के संपादक आलोक वाणी की टिप्पणी

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