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चोरल के जंगलों में ख़ौफ़ और भय का आतंक,वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन राठौर की विशेष टिप्पणी

Posted on: 04 May 2018 04:01 by Ravindra Singh Rana
चोरल के जंगलों में ख़ौफ़ और भय का आतंक,वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन राठौर की विशेष टिप्पणी

चोरल के जंगलों में इन दिनों भय और खोफ का आतंक चल रहा है आतंक का यह सिलसिला कई सालों से जारी है और इस खोफ की भेंट कई नव युवक और युवतियां चढ़ चुके हैं। सवाल इस बात का है कि महानगर इंदौर से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर चौरल के जंगल हमारे लिए इतने खतरनाक कैसे बन गए हैं कि यहां जाने वाले व्यक्ति लूटपाट के शिकार होते हैं और कई बार तो मौत के घाट भी उतार दिए जाते हैं।

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हाल ही में एक लड़के और एक लड़की का जो शव बरामद हुआ है उससे भी यह साबित हुआ है कि चोरल के जंगल हमारी नई पीढ़ी के लिए कितने खतरनाक हैं। चोरल के जंगलों का अपना एक अलग आकर्षण है खासकर यहां के पिकनिक स्पॉट आजकल की युवा पीढ़ी के लिए बेहद लोकप्रिय और आदर्श साबित हो रहे हैं।

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कालाकुंड से लेकर पातालपानी और यहां का किला यह तमाम स्थल ऐसे हैं जहां युवक-युवतियां अक्सर समूह में या अकेले पहुंच जाते हैं। आश्चर्य की बात यह है कि इन जंगलों के आसपास पेशेवर अपराधियों के ऐसे गिरोह पनपते हैं जिन्होंने युवक-युवतियों को लूटना और उन्हें मौत के घाट उतारना अपना पेशा बना लिया है चौंकाने वाली बात तो यह भी है कि इस खतरनाक गैंग में 15 साल से लेकर 30 साल तक के व्यक्ति शामिल हैं और ये अभी तक कई युवक युवतियों को मौत के घाट उतार चुके हैं।

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उनके साथ दुष्कर्म करना और उन्हें लूटना आम बात हो गई है इस पूरे मामले को लेकर एक याचिका मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में भी चल रही है जिसमें पुलिस ने पिछली बार यह बयान दिया था कि चोरल के जंगलों में दुष्कर्म जैसी कोई वारदाते नहीं हुई है । लेकिन हाल ही में एक युवक और युवती का शव प्राप्त हुआ है उससे यह स्पष्ट हुआ है की ये जंगल कितने खतरनाक हैं।

सवाल यह भी है इंदौर पुलिस इस क्षेत्र को अपराधियों के लिए इतना सुरक्षित कैसे छोड़ रही है जिस तरह से चोरल नदी कई लोगों के प्राण ले चुकी है उसी तरह से चोरल के जंगल भी कई लोगों को अकाल मौत दे चुके हैं ऐसे में पुलिस को यहां पर बड़ी घेराबंदी करके एक ऐसी मुहिम चलानी चाहिए ताकि सारे अपराधी गिरोह का पर्दाफाश कर सके।

इसके साथ ही यहां पहुंचने वाले लोग सुरक्षित भ्रमण कर सके यह व्यवस्था भी होनी चाहिए। विचारणीय बात तो यह भी है कि इस पूरे इलाके में आज से 20 साल पहले ऐसा कोई आतंक नहीं था और यहां तक कि गांव के लोग भी आने वाले पर्यटकों को सहयोग करते थे और उन्हें रास्ता दिखाते थे लेकिन धीरे-धीरे यह पूरा इलाका अपराधियों की शरणस्थली बनता गया इसके साथ ही यहां पर कई अवैध कामों के अड्डे खुल गए जिनमें अवैध शराब का निर्माण और जिस्मफरोशी तक शामिल है।Image result for choral jangal

यहां के कई इलाकों में भी आपराधिक गतिविधियां शुरू हो गई और इस तरह से धीरे-धीरे यह पूरा क्षेत्र ही अपराधियों का गढ़ बन गया इंदौर से बाहर से आने वाले युवक युवती इन सब बातों से अनजान हो कर इन इलाकों में जाते हैं और फिर अपराधियों के हाथों बेमौत मारे जाते हैं ।बहमारे जनप्रतिनिधियों को भी चाहिए कि वे भी इन इलाकों में किस तरह से सुरक्षा प्रदान की जा सकती है इस बारे में गंभीर रूप से विचार करें।

अर्जुन राठौर

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