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शिवराज होते तो 25 करोड़ बर्बाद कर देते, कमलनाथ ने किया एक और कमाल

Posted on: 08 Feb 2019 12:06 by Pawan Yadav
शिवराज होते तो 25 करोड़ बर्बाद कर देते, कमलनाथ ने किया एक और कमाल

भोपाल, ( राजेश राठौर ) पंद्रह साल बाद आज ऐसा देखने को मिल रहा है कि भोपाल के जंबूरी मैदान पर सरकार करोड़ो रुपए खर्च करके बड़े नेताओं की मौजूदगी में जश्न मनाती थी। उसी मैदान पर सरकार न बराबर खर्च करके राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में जश्न मना रही है।

यदि शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री होते तो अभी तक इस आयोजन पर पच्चीस करोड़ से ज्यादा खर्च कर देते। भोपाल का जंबूरी मैदान इस बात का गवाह है कि उस पर होने वाले कई आयोजनों में सरकार ने करोड़ों रुपया पानी की तरह बहा दिया। शिवराज सिंह चौहान ने लालकृष्ण आडवाणी, नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत जैसे नेताओं को बार-बार मध्य प्रदेश बुलाकर सरकारी आयोजन पर पच्चीस से पचास करोड़ रुपये आसानी से खर्च कर देते थे। कहते हैं कि शिवराज के मुख्यमंत्री बनने के पहले भोपाल का सामान्य टेंट हाउस का काम करने वाला कंजे मियां करोड़पति बन गया। क्योंकि सारे आयोजनों में टेंट लगाने की जवाबदारी सिर्फ एक ही ठेकेदार को दी जाती थी। यह बात अलग है कि यह ठेके देने में कितना कमीशन दिया जाता था। यह तो कंजे मिया ही बता सकते हैं। लेकिन होर्डिंग, बैनर, पोस्टर विज्ञापन पर भी करोड़ों रुपए खर्च होते थे। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री बनते ही कह दिया कि वह प्रचार कम और काम ज्यादा करेंगे। कमलनाथ ने अखबारों के विज्ञापन ना के बराबर कर दिए। होर्डिंग, बैनर, पोस्टर का खर्चा भी बिल्कुल कम कर दिया। सरकारी पैसे से पार्टी के आयोजन नहीं किए।

आज जंबूरी मैदान पर वैसे तो सरकारी आयोजन है क्योंकि किसानों की ऋण माफी योजना के तहत आज कई किसानों को ऋण मुक्ति के प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। उसके बावजूद सरकार ने बहुत कम खर्च करके इतना बड़ा आयोजन कर डाला। इस आयोजन में किसान और कार्यकर्ताओं को लाने के लिए स्कूलों की छुट्टी नहीं कराई गई। स्कूल बसों का इस्तेमाल नहीं किया। नियमित चलने वाली निजी ट्रेवल्स की बसों का आरटीओ ने अधिग्रहण नहीं किया। इसके अलावा कार्यकर्ता और किसानों के भोजन का इंतजाम भी मंत्री और विधायकों को दे दिया।

आज के इस आयोजन की एक और खास बात यह है कि कमलनाथ ने भीड़ जुटाने के लिए किसी कलेक्टर या अफसर को जवाबदारी नहीं दी। शिवराज सिंह चौहान तो अफसरों के भरोसे भीड़ जुटाते थे। इस कारण विधायक और कार्यकर्ता उनसे नाराज रहते थे। शासकीय कार्यक्रमों में यदि कमलनाथ ने लगातार इसी तरह से खर्च बचाने का काम किया। तो यह वाकई एक मिसाल बन जाएगा। सरकारी कार्यक्रमों के नाम पर करोड़ों रुपए के घोटाले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रमुख सचिव एस के मिश्रा ने किए हैं। उस तरह के घोटाले अब नहीं हो पाएंगे।

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