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देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले का पर्दाफाश, भाजपा को चंदे में दिए 20 करोड़

Posted on: 30 Jan 2019 10:04 by Pawan Yadav
देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले का पर्दाफाश, भाजपा को चंदे में दिए 20 करोड़

होम लोन देने वाली कंपनी दीवान हाउसिंग में 31 हजार करोड़ रुपए का घोटाला होने का मामला सामने से आया है। यह घोटाला फर्जी कंपनियों को कर्ज और अग्रिम भुगतान के साथ दूसरे तरीकों से किया गया है। घोटाले में कुछ फर्जी कंपनियों का उपयोग कर करोड़ों की हेराफेरी की गई और पैसा देश से बाहर भेजा गया। इतना ही नहीं, कंपनी ने भाजपा को दिए 20 करोड़ के चंदे को भी कम करके घोषित किया। कोबरा पोस्ट ने दिल्ली में पत्रकारवार्ता के दौरान इस घोटाले का खुलासा करते हुए देश का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला बताया है।

कोबरा पोस्ट के मुताबिक वर्ष 2014-15 और 2016-17 में कंपनी ने सत्तारूढ़ भाजपा को 19.5 करोड़ का चंदा दिया गया। यह आरकेडब्ल्यू डेवलेपर्स प्राइवेट लिमिटेड, स्किल रियाल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और दर्शन डेवलेपर्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए दिया गया। यह सभी कंपनियां वाधवान परिवार की हैं। जांच में बताया गया कि आरकेडब्ल्यू ने अपनी बैलेंस शीट में 2014-15 के दौरान किसी भी चंदे का उल्लेख नहीं किया। वहीं स्किल रियाल्टर्स ने बी 2014-15 में भाजपा को 2 करोड़ रुपए दिए, मगर अपनी बैलेंस शीट में जिक्र नहीं किया।  इस प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा, वरिष्ठ पत्रकार प्रेम शंकर झा, हेमेंद्र हजारी, जोसी जोसेफ, प्रांजॉय गुहा ठाकुरता, अनिरुद्ध बहल और वरिष्ट वकील प्रशांत भूषण मौजूद थे।

खुलासे में बताया गया कि दीवान हाउसिंग फाइनांस लिमिटेड की कुल पूंजी 8,700 करोड़ है और उसने पब्लिक डिपॉजिट और कर्ज के जरिए 96,000 करोड़ रुपए इकट्ठा किए। जांच में बताया गया कि, “बैंकों ने डीएचएफएल को 37,000 करोड़ रुपए दिए। जिन बैंकों ने उसे पैसे दिए उसमें स्टेट बैंक ने 11,500 करोड़ रुपए और बैंक ऑफ बड़ौदा ने 5,000 करोड़ रुपए दिए।

खुलासे में दावा किया गया है कि डीएचएफल के फंड में से करीब 21,477 करोड़ रुपए विभिन्न फर्जी कंपनियों को कर्ज और निवेश के तौर पर ट्रांसफर किए गए। इसके लिए कंपनी ने कार्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री को कोई सूचना नहीं दी। पैसे के लेनदेन के तार दर्जनों फर्जी कंपनियों तक पहुंच कर गुम हो जाते हैं, लेकिन इन सभी कंपनियों का संबंध डीएचएफल के प्रोमोटर वाधवान परिवार से है। कोबरा पोस्ट के एडिटर अनिरुद्ध बहल ने दावा किया कि घोटाले की राशि से देश और विदेश में संपत्तियां खरीदी गई है।

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