बसंत पंचमी : मां सरस्वती को प्रसन्न करना है, तो न करें ये काम

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माघ मास के शुक्ल पक्ष की बसंत पंचमी यानि 10 फरवरी को मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर ज्ञान प्राप्ति का आशीर्वाद मांगा जाता है। ज्योतिष्य अनुसार बसंत पंचमी के दिन ही मुनष्य जीवन में शब्दों का ज्ञान और शक्ति आई थी। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक सृष्टि को आवाज देने के लिए ब्रह्मा जी ने कमंडल से जल लेकर चारों दिशाओं में छिड़का। इस जल से हाथ में वीणा धारण कर मां सरस्वती प्रकट हुई, उनकी वीणा का तार छेड़ते ही तीनांे लोकों में ऊर्जा का संचार हुआ और सबको शब्दों की वाणी मिल गई।

वह दिन बसंत पंचमी का दिन था, इसलिए बसंत पंचमी को मां सरस्वती का दिन भी माना जाता है। पूजा-अर्चना के कई नियम भी होते हैं, जिनका पालन करने से मां सरस्वती प्रसन्न होती है। ज्योतिष्य के अनुसार बसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र पहनना चाहिए और मां सरस्वती को पीले और सफेद रंग का फूल चढ़ाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन अगर शास्त्रों में बताए गए नियमों का पालन न किया जाए, तो मां सरस्वती प्रसन्न नहीं होती है।

पूजा-अर्चना करते वक्त बरतें ये सावधनी

1- बसंत पंचमी के दिन काले रंग के कपड़े पहनकर पूजा-अर्चना नहीं करना चाहिए, हो सके तो पीले वस्त्र धारण करें।
2- बसंत पंचमी के दिन मांस-मदिरा से दूर रहना चाहिए और सिर्फ सात्विक भोजन ही करना चाहिए।
3- बसंत पंचमी पर पेड़-पौधों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। 4- बसंत पंचमी के दिन सभी से प्यार और संयम से बोलना चाहिए। इस दिन किसी से वाद-विवाद या क्रोध नहीं करना चाहिए।
5- बसंत पंचमी के दिन सुबह स्नान जरूर कर लेना चाहिए। बिना नहाए कुछ भी नहीं खाना चाहिए। माता सरस्वती की पूजा के बाद ही कुछ खाना चाहिए।

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