हिजाब : ईरान में पुलिस हिरासत में 22 साल की लड़की की मौत, प्रदर्शन की वजह से दो लोगों की मौत और कई हुए घायल

ईरान में 22 साल की लड़की को हिजाब के मामले में पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उसकी मौत होने पर देश के कई हिस्सो में महिलाओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन इतना गहरा था कि पुलिस को कार्यवाही में आंसु गैस के गोले और फायरिंग करना पड़ी। इसमें दो लोगों की मौत हो गईऔर कई लोगों की घायल होने की खबर हैं।

ईरान में 22 साल की लड़की को हिजाब के मामले में पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उसकी मौत होने पर देश के कई हिस्सो में महिलाओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन इतना गहरा था कि पुलिस को कार्यवाही में आंसु गैस के गोले और फायरिंग करना पड़ी। इसमें दो लोगों की मौत हो गईऔर कई लोगों की घायल होने की खबर हैं। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर महिलाएं बाल काटर भी प्रदर्शन कर रही हैं। इस घटना को लेकर अमेरिका सरकार सख्त हो गई हैं। जवाब में कहा कि अगर हिजाब सही तरीके से न पहनने पर जाना अधिकारों के लिए अपमान है।

क्या है पूरा मामला

22 साल की ईरानी लड़की महसा को 13 सितंबर को पुलिस ने हिजाब को ठीक से न पहनने को लेकर हिरासत में लिया था। अचानक तबियत बिगड़ने पर वह तीन दिन तक कोमा में रही उसके बाद उसकी मौत हो गई थी। पुलिस कस्टडी में ही उसकी मौत हो गई, जिसके बाद लोगों का गुस्सा उबल पड़ा और तेहरान से शुरू होकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रदर्शनों में अभी तक दो लोगों की मौत हो गई है। जबकि काफी संख्या में लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। बीते सोमवार को ईरान के दिवनदर्राह टाउन में हुए प्रदर्शन में घायल दो नागरिक फाउद कादिमी और मोहसिन मोहम्मदी की कोसर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। वहीं 15 लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

ये बताया पुलिस के अधिकारी ने

ग्रेटर तेहरान पुलिस कंमाजर ने कहा कि, महसा अमिनी की मौत काफी दुर्भाग्यपूर्ण है और हम चाहते हैं कि कभी भी ऐसी घटना ना हो। इस मामले में ईरान पुलिस पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। अमिनी को हिरासत में किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया था। इसके बाद भी पुलिस ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की थी।

Also Read : इंदौर व्यापम और पीएससी की भर्ती का इंतज़ार कर रहे छात्र NEYU के बैनर तले करेंगे आंदोलन, 21 सितंबर से दीनदयाल पार्क पर होगा सत्याग्रह

इस घटना की वजह से अमेरिका हुआ सख्त

अमेरिका के व्हाइट हाऊस के प्रवक्ता ने कहा कि, अमेरिका इस मामले में जवाबदेही चाहता है। सही तरीके से हिजाब न पहनने की वजह से पुलिस कस्टडी में महसा अमिनी की मौत हो जाना मानव अधिकारों के लिए बड़ा अपमान है। ईरान में महिलाओं को बिना किसी हिंसा और प्रताड़ना के खुद की पसंद से कपड़े पहनने का अधिकार होना चाहिए। ईरान को अब महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा को रोक देना चाहिए। महसा की मौत पर जवाबदेही होनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर महिलाएं बाल काटकर जता रही है विरोध

ईरान में महसा अमिनी की मौत पर जहां महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया तो वहीं सोशल मीडिया पर अनोखी तरह से विरोध जताया। कई महिलाओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर की, जिसमें वे अपने बालों को काटते हुए नजर आ रही हैं। इसके अलावा भी महिलाओं ने अलग-अलग तरह से विरोध दर्ज किया है। कई महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुए अपना हिजाब उतारा और सड़क पर फेंक दिया। वहीं रिपोर्ट्स की मानें तो कई जगहों पर महिलाओं ने हिजाब जलाकर भी प्रदर्शन किया है।

इस घटना से ईरान की सरकार है बेचेन

महसा अमिनी की मौत के बाद ईरान में महिलाओं के प्रदर्शन का इतना असर जरूर हुआ है कि सरकार ने आनन-फानन में प्रदर्शन के तीसरे ही दिन नैतिक पुलिस के चीफ को पद से हटा दिया है। एक इस्लामिक देश में महिलाओं के प्रदर्शन के बाद सरकार का यह कदम उठाना बड़ी बात है, क्योंकि अधिकतर इस्लामिक देशों में महिलाओं के सिर पर पाबंदियों का बड़ा टोकरा है, जिसे उन्हें मजबूरन ही सही लेकिन उठाना पड़ता ही है।