Breaking News

पूर्व मुख्यमंत्रीयों के खिलाफ हाईकोर्ट का फैसला | High Court verdict against ‘Former Chief Ministers’

Posted on: 04 May 2019 15:40 by Parikshit Yadav
पूर्व मुख्यमंत्रीयों के खिलाफ हाईकोर्ट का फैसला | High Court verdict against ‘Former Chief Ministers’

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले को अवैध और असंवैधानिक करार दिया है, जिसके तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन मुफ्त आवास और अन्य सुविधाएं देने का प्रावधान किया गया था। कोर्ट के आदेश के बाद 6 महीने के अंदर इन पूर्व मुख्यमंत्रियों को बकाया जमा कराना होगा। सिर्फ किराया ही नहीं, किराए के अलावा अन्य मदों में खर्च किए गए करीब 13 करोड़ रुपए की वसूली भी इनसे की जाएगी। इन अलग-अलग खर्चों में मुख्य तौर पर बिजली, पानी, फ्यूल, फोन बिल, यात्राओं पर खर्च और स्टाफ की सैलरी पर हुए खर्च शामिल हैं। अन्य मदों पर खर्च हुए करीब 13 करोड़ रुपए की वसूली भी पूर्व मुख्यमंत्रियों से की जाएगी। कोर्ट ने यह आदेश दून स्थित एक एनजीओ की याचिका पर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्रियों पर बकाया किराए की रकम राज्य सरकार ने तय कर ली है और उसे बतौर एफिडेविट कोर्ट के समक्ष रखा है। सबसे ज्यादा 1.12 करोड़ रुपए का बकाया पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एनडी तिवारी पर है। उनके बाद भगत सिंह कोश्यारी पर 47.57 लाख, रमेश पोखरियाल पर 40.95 लाख और विजय बहुगुणा पर 37.50 लाख रुपए बकाया हैं।
इसके अलावा अन्य खर्चों की बात करें तो सबसे ज्यादा बकाया कोश्यारी पर है। बीएस कोश्यारी पर करीब 3 करोड़, भुवन चंद्र खंडूरी पर 2.8 करोड़, एनडी तिवारी पर 2.3 करोड़, निशंक पर 2.1 करोड़, विजय बहुगुणा पर 1.1 करोड़ और नित्यानंद स्वामी पर 1.5 लाख रुपए बाकी हैं।
इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश रंगनाथन और जस्टिस रमेशचंद्र खुल्बे की बेंच ने की। कोर्ट ने सरकार से एक बार और किराए की गणना करने को कहा है। इसके बाद 6 महीने के अंदर इस किराए की वसूली का आदेश दिया है

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com