व्यापार, समाजसेवा और सहकारिता में मुकाम बनाया हंसराज जैन ने

0
25

इंदौर। एमटी क्लॉथ मार्केट में 1957 से व्यापार शुरू करने वाले जैन परिवार ने पिछले छह दशक में अपनी खास पहचान बनाई है। करीब सवा सौ साल पहले जैन परिवार राजस्थान के चाचोंड़ से इंदौर आए थे, इसके बाद यहां कारोबार शुरू किया। कपूरचंदजी ने क्लॉथ मार्केट में नौकरी के साथ शुरुआत की और कुछ समय बाद अपना खुद का व्यापार शुरू किया। उनके बाद में उनके सुपुत्र हंसराजजी जैन ने व्यापार संभाला और नई ऊंचाई पर पहुंचाया। हंसराजजी व्यापार के साथ-साथ सामाजिक, पारमार्थिक और सहकारिता क्षेत्र में भी काफी सक्रिय है। घमासान डॉटकॉम ने उनसे बात की। प्रस्तुत है प्रमुख अंश…
सवाल : आप क्लॉथ मार्केट में कब से कारोबार कर रहे हैं?
जवाब : 1957 से कपड़ा मार्केट में काम कर रहे हैं। शुरुआती दौर में ४ साल तक नौकरी की और उसके बाद मेरे पिताजी कपूरचंदजी जैन ने 1960 में ब्रोकरेज फर्म शुरू की। कालांतर में कपड़ों का व्यापार शुरू किया और एक के बाद एक 6-7 फर्मे शुरू की।
सवाल : आप किन-किन संस्थाओं में कब-कब पदाधिकारी रहे?
जवाब : 1977 में इंदौर क्ॉलथ मार्केट व्यापारी एसोसिएसन का कार्यकारिणी सदस्य बना। 4 साल तक संयुक्त मंत्री रहा। 1984 से लगातार 21 साल तक मंत्री रहा। अभी लगातार तीन बार से अध्यक्ष का दायित्व निभा रहा हूं।
सवाल : आप कहां के रहने वाले हैं?
जवाब : हमारा परिवार राजस्थान के चाचोंड़ का रहने वाला है। करीब 125 साल पहले हमारा परिवार इंदौर आ गया था। मेरा जन्म इंदौर में ही हुआ। ग्रेजुएशन भी इंदौर से ही किया।
सवाल : आप और किन-किन संस्थाओं से जुड़े हैं?
जवाब : क्लाथ मार्केट के अलावा चार स्कूल, दो कॉलेज और करीब तीन दर्जन सामाजिक संस्थाओं से जुड़ा हूं। जैन समाज की संस्थाओं में, स्कूल कॉलेज में, कालानी नगर, गुमास्ता नगर और पीपली बाजार जैन मंदिर ट्रस्ट में ट्रस्टी हूं।
सवाल : आपकी हॉबी क्या है?
जवाब : समाजसेवा करना मुझे अच्छा लगता है। व्यापार से समय निकलाकर समाजसेवा में समय देता हूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here