भाजपा सांसद की शेरो-शायरी पर राहुल-सोनिया की ताली, देखें वीडियो

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नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से जीतकर सूफी गायक हंसराज हंस पहली बार संसद पहुंचे है। संसद में उन्होंने जब अपना पहला भाषण दिया तो हर तरफ उनकी चर्चाएं होने लगी। उनका पहला भाषण इतना दमदार था कि विपक्षी नेता भी खुदको ताली बजाने से नहीं रोक पाए। दरअसल, हंसराज हंस ने लोकसभा में शायराना अंदाज में अपनी बात रखी।

भाजपा सांसद हंसराज हंस ने इस दौरान सदन में एक कविता भी सुनाई-

जिंदगी दी है तो जीने का हुनर भी देना,
पांव बख्से हैं तो तौफीके सफर भी देना।
गुफ्तगूं तूने सिखाई है कि मैं गूंगा था,
अब मैं बोलूंगा तो बातों में असर भी देना।
मेरे उलझे हुए ख्बावों को तराजू दे दे,
मेरे भगवन मुझे जज्बात पर काबू दे दे।
मैं समुंदर भी किसी गैर के हाथों से ना लूं
और एक कतरा भी समुंदर है अगर तू दे दे।

कविता सुनाने के बाद उन्होंने कहा कि ‘मेरा जन्म पंजाब में हुआ लेकिन अब वहां किसी की नजर लग गई, वो धरती हम बचा नहीं सके, वो पानी हम बचा नहीं सके। जवानी हम ना बचा सके।’

नौजवानों के नशे की चपेट में आने और सीवर में काम करते हुए सफाईकर्मियों की मौत के मुद्दे जिस शायराना अंदाज में हंसराज हंस ने लोकसभा में रखे उससे विपक्षी भी मेज थपथपाने को मजबूर हो गए। इस दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व सोनिया और राहुल गांधी ने भी मेज थपथपाई।

हंस ने कहा कि दिल्ली में नौजवान नशे की चपेट में आ रहे हैं और यह सबकी जिम्मेदारी है कि नौजवानों की जिंदगी बचाएं। उन्होंने कहा कि सीवर में सफाईकर्मियों की मौत हो जाती है और उन पर कोई ध्यान नहीं देता, लेकिन पहली बार हमारे ‘महबूब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों की फिक्र की है। सूफीवाद का जिक्र करते हुए हंसराज ने शायराना अंदाज में कहा कि एक दिन सबको दुनिया से जाना है और जाति, धर्म और धन सबकुछ यहीं छूट जाएगा।

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