गुरु पूर्णिमा पर इस विधि से करें गुरुपूजा, पूरी होगी हर मनोकामना

0
56
gurupurnima

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ मास की पूर्णिमा को हर वर्ष देश में बड़े ही उल्लास के साथ गुरु पूर्णिमा का त्यौहार मनाया जाता हैं। इस साल गुरु पूर्णिमा का पर्व 16 जुलाई यानि के कल मनाया जाएगा। यह दिन बेहद खास माना जाता हैं क्योकि इसी दिन से सावन माह की शुरुआत भी हो जाती हैं। इस साल यह पूर्णिमा का महत्व और भी खास हैं क्योकि इस साल इस दिन चंद्रग्रहण लगने वाला हैं। जिस कारण पूर्णिमा की पूजा के लिए मुहूर्त भी निश्चित समय तक हैं।

इस मुहूर्त में करें गुरु पूजा

चूंकि इस वर्ष पूर्णिमा के साथ ही चंद्रग्रहण भी हैं इस लिए पूजा का मुहूर्त ग्रहण में लगे सूतक के समय से पहले ही रहेगा। चंद्रग्रहण मंगलवार 16 जुलाई को मध्यरात्रि को करीब 1 बजकर 30 मिनट पर लगेगा। चंद्रग्रहण का सूतक 9 घंटे पूर्व लग जाता है। इसके अनुसार 16 जुलाई को शाम के समय 4.31 बजे से सूतक लगेगा। सूतक के बाद मूर्ति पूजा या कोई भी शुभ काम करने की मनाही रहती हैं । ऐसे में गुरु पूजा आदि के लिए मुहूर्त दोपहर 4. 31 बजे तक ही हैं।

इस विधि से करें पूजन

गुरु पूर्णिमा के दिन ज्यादातर लोग अपने दिवंगत गुरु या ब्रह्मलीन संतों की उनकी पादुका का पूजन धूप, दीप, पुष्प, अक्षत-चंदन आदि से करते हैं। इस दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए और स्नान आदि कर पूजा की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

गुरु पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु, शिव और गुरु बृहस्पति के बाद महर्षि वेदव्यास की पूजा करें। इसके बाद आप अपने गुरु की पूजा भी अवश्य करें। गुरु को पुष्पों की माला पहनाएं और मिठाई आदि का भोग लगाकर आरती करें। इस दिन पीले या सफेद वस्त्र पहनकर गुरु की पूजा करनी चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here