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बिजली कटौती से हिली सरकार, कमलनाथ ने अफसरों की लगाई क्लास

Posted on: 03 Jun 2019 13:00 by Pawan Yadav
बिजली कटौती से हिली सरकार, कमलनाथ ने अफसरों की लगाई क्लास

2 जून को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवा के साथ बारिश हुई थी। इसके बाद घंटों गुल रही बिजली के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इधर, अफसरों को चेतावनी देेने के बाद भी जब बिजली कटौती नहीं थमी तो मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई हैं। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि सर प्लस बिजली होने के बाद प्रदेश के कई हिस्सों से बिजली गुल व कटौती के मामले सामने क्यों आ रहे हैं? इस तरह के मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

जिम्मेदार अधिकारी स्थिति में सुधार लाएं अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इसको लेकर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों की कल एक आवश्यक बैठक भी बुलाई है, जिसमें इन सभी मामलों पर चर्चा की जाएगी। 2 जून को प्रदेश में कई स्थानों पर तेज हवा-आंधी -बारिश के बाद घंटांे बिजली गुल व अघोषित कटौती के मामले सामने आए थे। जिस पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी दिखाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के फॉल्ट या तकनीकी खामी के चलते यदि बिजली वितरण में व्यवधान होता है, तो वह समझा जा सकता है, लेकिन बगैर कारण के यदि बिजली गुल रहती है या बिजली कटौती की जाती है, तो वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आम उपभोक्ताओं को 24 घंटे व कृषि कार्य के लिए कम से कम 10 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने चुनाव के पूर्व भी इस संबंध में कड़े निर्देश दिए थे। कुछ लापरवाह दोषी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन चुनाव के बाद वापस प्रदेश के कई हिस्सों से इस तरह की घटनाएं व मामले सामने आ रहे हैं, जो बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। जिस अधिकारी-कर्मचारी की लापरवाही सामने आएगी ,उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिजली कर्मियों को संवेदनशील व तत्पर बनने की आवश्यकता है। बिजली अधिकारियों के बिजली गुल होने पर फोन नहीं उठाने के मामले भी सामने आ रहे हैं, उस में भी सुधार लाने की मुख्यमंत्री ने हिदायत दी है।

तकनीकी खामी ,फॉल्ट ट्रिपिंग जैसे मामले सामने आने पर उसका जल्द से जल्द निराकरण किया जाए। उसको लेकर विशेष सावधानी बरती जाए। मेंटेनेंस का कार्य भी सूचना प्रकाशित करवाकर किया जाए। ग्रीष्म ऋतु के इस दौर में जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसको लेकर विशेष सावधानी बरती जाए व पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। जिम्मेदार अधिकारी विद्युत वितरण की प्रतिदिन समीक्षा करें। जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समय सीमा में उसका निराकरण करें। उसकी प्रतिदिन की रिपोर्ट तैयार करें। जिम्मेदार अधिकारी कार्यालयों से निकल कर फील्ड में जनता के बीच में जाएं।

उनकी समस्याएं जाने। उनका निराकरण करें। झोन वार शिविर का आयोजन करें और मौके पर ही जनता की विद्युत सम्बंधी समस्याओं का निराकरण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब समस्याएं हमारी सरकार के पूर्व भी थी, लेकिन वे इसे राजनीति का विषय नहीं बनाना चाहते हैं। वे जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देना चाहते हंै। वे स्वयं विद्युत वितरण व शिकायतों की मॉनीटरिंग करेंगे और इसकी समय- समय पर जिम्मेदार अधिकारियों से रिपोर्ट भी लेंगे।

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