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युवाओं की रचनात्मकता ऊर्जा का उपयोग देश के विकास में किया जाये: आनंदीबेन

Posted on: 10 Jun 2018 07:50 by Ravindra Singh Rana
युवाओं की रचनात्मकता ऊर्जा का उपयोग देश के विकास में किया जाये: आनंदीबेन

इंदौर: राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि भारत विश्व में युवा जनसंख्या वाला सबसे बड़ा देश है। हमारे देश में युवाओं की शक्ति, सृजनशीलता, रचनात्मकता, क्रियाशीलता, सक्रियता तथा उनकी ऊर्जा का उपयोग विकास में किया जाना चाहिये। उनकी शक्ति एवं ऊर्जा का बेहतर उपयोग कर हम नये भारत का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे शिक्षित बनने के साथ ही संस्कारवान भी बनें। समाज सेवा में सक्रिय योगदान दें। समाज की कुरीतियों और अंधविश्वास को दूर करने में आगे आयें।

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श्रीमती पटेल आज इंदौर के श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित कर रही थी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की गवर्निंग बॉडी की चेयरमेन श्री पुरूषोत्तम दास पसारी तथा उप कुलपति डॉ. उपेन्द्र धर भी मौजूद थे। इस अवसर पर श्रीमती पटेल ने विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की।

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इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्रीमती पटेल ने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की तथा दीक्षान्त समारोह को जीवन का एहतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि दीक्षान्त समारोह हमारे प्राचीन संस्कृति एवं संस्कार का एक अंग है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे शिक्षित होने के साथ ही संस्कारवान भी बनें। नये भारत के निर्माण में सहयोगी बनें। पिछड़े क्षेत्रों तक विकास को पहुचायें। विकासात्मक तथा कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में शोध एवं अध्ययन करें। जिससे कि योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत पता चल सके। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जा रहा है कि सभी विश्वविद्यालयों को इस संबंध में अध्ययन के लिये 10-10 विषय शोध एवं अध्ययन के लिये दिये जायें। श्रीमती पटेल ने कहा कि समय की माँग के अनुसार विश्वविद्यालयों में नये पाठ्यक्रम शुरू करने की जरूरत है। विश्वविद्यालयों में कौशल विकास केन्द्र खोले जायें। प्लेसमेंट शिविर लगाये जायें।

राज्यपाल श्रीमती पटेल की मानवीय पहलकार्यक्रम के दौरान राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप मध्यप्रदेश को सन् 2022 तक क्षय मुक्त प्रदेश बनाया जायेगा। इसके लिये प्रयास शुरू कर दिये गये हैं। प्रदेश को क्षय मुक्त बनाने के लिये भोपाल से एक नये कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। इसके अन्तर्गत जन सहयोग से क्षय रोगियों को पोषण आहार उपलब्ध कराया जायेगा और उनकी उपचार की मॉनीटरिंग की जायेगी।

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श्रीमती पटेल की प्रेरणा से इंदौर जिले में इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई। आज श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय ने 10 क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें लगातार 6 माह तक पोषण आहार देने और उनके उपचार की मॉनीटरिंग की घोषणा की। उपस्थित क्षय रोगियों को राज्यपाल श्रीमती पटेल ने फल वितरित किये। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज के सम्पन्न वर्ग को आगे आकर क्षय रोगियों की मदद करना चाहिये। प्रदेश को क्षय रोग मुक्त बनाना हम सबका दायित्व है। श्रीमती पटेल ने इस अवसर पर ऑगनवाड़ी के बच्चों को भी फल वितरित किये।

कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय की गवर्निंग बॉडी के चेयरमेन श्री पुरूषोत्तम दास पसारी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में श्री वैष्णव ट्रस्ट की विशेष भूमिका है। इंदौर में इस ट्रस्ट द्वारा 26 शैक्षणिक संस्थान बगैर लाभ-हानि के संचालित किये जा रहे हैं। इसमें 20 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में उप कुलपति डॉ. उपेन्द्र धर ने शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी।

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