मां लक्ष्मी ने लिया था इस मंदिर में जन्म, दिवाली पर भगवान विष्णु करते हैं कुछ ऐसा

0
60

मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है, माना जाता है जिस पर भी इनका आशीर्वाद हो उसे कभी दीनता का मुंह नहीं तांकना पड़ना है। मां लक्ष्मी की पूजा तो सभी करते है, लेकिन मां लक्ष्मी हर किसी से प्रसन्न नहीं होती है। मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे जहां मां लक्ष्मी ने स्वयं जन्म लिया था। वहां कि खासीयत है कि जो भी भक्त सच्चे मन से वहां मां लक्ष्मी के दर्शन करता है उसकी सभी मनोकामना पूरी होती है। इसके साथ ही मान्यता है कि यहां दिवाली के दिन भगवान नारायण उपहार भेजते हैं।

मां लक्ष्मी का यह चमत्कारी मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर में तिरुपति बालाजी मंदिर से थोड़ा दूर मां लक्ष्मी का यह भव्य मंदिर स्थित है। मान्यताओं के अनुसार इसी मंदिर में बने तालाब में खिले कमल के फूल से ही माता लक्ष्मी ने पद्मावती के रूप में जन्म लिया था। जो कि भगवान श्री हरि के रूप भगवान वेंकटेश्वर की पत्नी कही जाती है।

प्राचीन कथानुसार देवी पद्मावती का जन्म कमल के फूल से हुआ है जो मंदिर के तालाब में खिला था। इसलिए अब मंदिर के भीतर प्राचीन तालाब एक कुंड रूप में परिवर्तित हो गया है। यह पद्मावती मंदिर तिरुपति से मात्र पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

इस मंदिर में देवी पद्मावती कमल पुष्प के आसन पर पद्मासन मुद्रा में बैठी हुई है जिसके दोनों हाथों में कमल पुष्प सुशोभित हो रहे हैं। इस पद्मावती मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण, भगवान बलराम, सुंदरराज स्वामी और सूर्य-नारायण स्वामी की मनमोहक प्रतिमा भी विराजमान है। हर साल दिवाली के दिन भगवान वेंकटेश्वर देवी पद्मावती के लिए उपहार भेजते हैं, यह परम्परा वर्षों से चली आ रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here