इस दिन सो कर उठेंगे भगवान ऐसे करे पूजा

0
98
dev_uthani_gyaras

देवउठनी एकादशी को हरि प्रबोधिनी एकादशी या फिर देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल देव उठनी एकादशी 19 नवंबर, सोमवार के दिन है। देव उठनी एकादशी पर शलिग्राम से तुलसी विवाह भी किया जाता है । देवउठनी एकादशी का व्रत करने से एक हजार अश्वमेध यज्ञ करने जितना फल प्राप्त होता है.

Image result for dev uthani ekadashi 2018
via

देव उठनी एकादशी के बाद ही सारे शुभ मुहुर्त शुरू हो जायेंगे, क्योंकि पौराणिक शास्त्रों के अनुसार चार महीने विश्राम करने के बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवी, देवता सहित स्वंय भगवान नारायण भी जागेंगे और इसी दिन से विवाह, मुंडन समेत अन्य सभी शुभ कार्य शुरू हो जायेंगे।

आइए जानते है किस तरह करे पूजन की तैयारी

देव उठानी ग्यारस को दिवाली की तरह धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान के मन्दिर को बहुत फूलों से सजाया जाता है, वंदनबार लगाये जाते है, सिंहासन को भी सुंदर तरीके से सजाया जाता है। तरह तरह के नैवेद्य बनाए जाते है। आंगन में देवोत्थान का चित्र बनाएं उसके सामने पकवान, सिंघाड़े, गन्ने व फल आदि चढ़ाकर ढँक के रखा जाता है। और धुप दीप जलाया जाता है। पंचदेव पूजा विधान में विष्णु पूजा अथवा रामार्चनचन्द्रिका आदि के अनुसार श्रद्धापूर्वक पूजन कर आरती करें ।

Image result for dev uthani ekadashi 2018
via

विधिवत पूजन विधि
प्रातः जल्दी उठ कर स्नान करें, स्नान के जल में गंगाजल मिला ले। बाद में पूजा स्थल को साफ करें । अब चौक बनाकर विष्णु भगवान की प्रतिमा स्थापित करें। पंचामृत, फल,मिठाई आदि का भोग लगाए। धूप और दीप अर्पित करें। संध्या के समय सुभाषित स्त्रोत का पाठ, एकादशी व्रत कथा या सत्यनारायण कथा अवश्य करें । साथ ही भक्ति भाव से भगवान से जागने के लिए प्रार्थना करे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here