अपने कमरे की सफाई खुद करता है ये कलेक्टर, गलती पर खुद पर लगाया 10 हजार का जुर्माना

ऑफिस की पानी टंकी पूरी भर जाने के कारन उससे पानी ओवरफ्लो होने लगा। जब कलेक्टर को इसकी आवाज आई तो उन्होंने स्टाफ से पूछा कि पानी कब से ओवरफ्लो हो रहा है।

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Ajay Shankar Pandey

खनऊ: अभी तक हमने और आपने अधिकारियों को कर्मचारियों पर जुर्माना लगाते नहे देखा या सुना होगा। गलती होने पर कर्मचारियों को सजा मिलती है लेकिन यदि अधिकारी खुद पर जुर्माना लगाए तो बात थोड़ी अजीब लगती है। अजीब जरुर है लेकिन सच है। ऐसा हकीकत में हुआ है उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में।

दरअसल, गाजियाबाद के कलेक्टर अजय शंकर पाण्डेय ने एक गलती के कारणअपने कर्मचारियों और खुद पर सामूहिक रूप से 10 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया है। मामला पानी की बर्बादी है। ऑफिस की पानी टंकी पूरी भर जाने के कारन उससे पानी ओवरफ्लो होने लगा। जब कलेक्टर को इसकी आवाज आई तो उन्होंने स्टाफ से पूछा कि पानी कब से ओवरफ्लो हो रहा है।

इस पर कर्मचारियों ने जवाब दिया, पिछले 10 मिनट से। उन्होंने इस पर कार्रवाई की और पानी की बर्बादी की लेकर कर्मचारियों और खुद पर जुर्माना लगा दिया।

अजय शंकर पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सामुहिक रूप से 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। साथ ही कहा कि पानी का ओवरफ्लो चाहे 1 मिनट हो या 1 घंटा। यहां सब बराबर है। सभी को जुर्माना देना होगा जिसकी कोई माफी नहीं है।

कलेक्टर का कहना है कि कलेक्ट्रेट में जितने अधिकारी और कर्मचारी बैठते हैं जल संरक्षण सभी का दायित्व है, पानी को बचना हर किसी का कर्तव्य है। इसलिए ये जुर्माना मुझ पर भी लागू होता है।

जुर्माने के तौर पर 30 अधिकारियों से 100-100 रुपए, 100 कर्मचारियों से 70-70 रुपए के हिसाब से वसूले जाएंगे। कुल मिलाकर ये राशी 10 हजार रुपए हो रही हैं। ये पूरी धनराशि जल संरक्षण विभाग में जमा होगी। जिसे जल संरक्षण कार्यों में व्यय किया जाएगा।

बता दे कि अजय शंकर पाण्डेय बेहद पाबंद अधिकारी है। वह अपने कमरे की सफाई भी खुद ही करते हैं। इसी के साथ ही वह ऑफिस भी निर्धारित समय सुबह 9:30 बजे पहुंच जाते हैं।

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