शुभ घड़ी में खुले बदरीनाथ धाम के कपाट, साक्षी बने भक्त | Char Dham Yatra: Badrinath Dham Kapat open for Pilgrims…

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उत्तराखंड स्थित पवित्र बदरीनाथ धाम के कपाट शुक्रवार को शुभ-मुहूर्त में खोले गए। अलसुबह घंडी-घड़ियाल और जयकारों के बीच हजारों भक्त बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साक्षी बने। कपाट खुलने के बाद छह माह से जल रही अखंड ज्योति के दर्शनों के लिए देश-विदेश के तीर्थयात्रियों का बदरीनाथ पहुंचना शुरू हो गया है।

इस दौरान मंदिर के मुख्य पुजारी रावल ने भगवान बदरीनाथ से घृत कंबल हटाया। इसके माता लक्ष्मी की मूर्ति को लक्ष्मी मंदिर में विराजित किया। इससे पूर्व मंदिर परिसर में गढ़वाल स्काउट के जवानों ने गढ़वाली धुनों से वातावरण को भक्ति मय बना दिया। इसी के साथ चार धाम की यात्रा हो गई है।

एक दिन पहले खुले थे भगवान केदारनाथ के कपाट

इससे पहले गुरूवार सुबह से भगवान केदारनाथ के कपाट खोले गए। इस दौरान हजारों भक्त बाबा के दर्शन के साक्षी बने। केदार मंदिर में बाबा की पंचमुखी मूर्ति विराजमान है। अब अगले छह महीने तक बाबा केदार यहीं पर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। कपाट खुलने से पहले उत्सव डोली को मुख्य पुजारी केदार लिंग ने भोग लगाया। इसके बाद डोली को सजाया गया।

केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग, वेदपाठियों, पुजारियों, हक्क हकूकधारियों की मौजूदगी में कपाट पर वैदिक परंपराओं के अनुसार मंत्रोच्चारण किया गया। फिर 5 बजकर 35 मिनट पर कपाट खोले गए। इस दौरान डोली ने मंदिर में प्रवेश किया। ठीक 6 बजे मुख्य कपाट भक्तों के दर्शनाथ खोल दिए गए। इस दौरान सेना की जम्मू-कश्मीर लाईट इंफेंटरी के बैंड की धुनों के साथ पूरा केदारनाथ भोले बाबा के जयकारों से गुंजायमान हो गया। इसके बाद हजारों भक्तों ने दर्शन के लिए कतार लगाई।

अक्षय तृतीया से शुरू हो गई चारधाम की यात्रा

इधर, अक्षय तृतीया से चारधाम की यात्रा का शुभारंभ हो चुका है। इसी दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट भी शुभ मुहूर्त में खोले गए थे। गंगोत्री मंदिर समिति के मुताबिक कपाट खुलने से पहले गंगाजी की डोली यात्रा गंगोत्री धाम से निकाली गई। जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गंगा स्तोत्र, गंगा लहरी एवं गंगा सहस्त्रनाम पाठ कर गंगा का अभिषेक किया गया। इसके बाद शुभ घड़ी कपाट खोले गए।
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