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गांधी परिवार का रिवाज और राजनाथ का राज दांव पर | Gandhi Family Tradition and Rajnath’s Rule at Stake

Posted on: 06 May 2019 16:24 by Surbhi Bhawsar
गांधी परिवार का रिवाज और राजनाथ का राज दांव पर | Gandhi Family Tradition and Rajnath’s Rule at Stake

उत्तर प्रदेश में अधिकाधिक सीटें जीतना जहां भारतीय जनता पार्टी के लिए जरूरी है, वहीं चुनिंदा सीटें जीतना कांग्रेस के लिए या यों कहें की गांधी परिवार के लिए भी बहुत जरूरी है। इनमें से दो सीटें हैं रायबरेली और अमेठी। रायबरेली में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए की प्रमुख और कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी की प्रतिष्ठा दांव पर है तो करीब ही अमेठी सीट पर कांग्रेस के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के पसंदीदा टारगेट राहुल गांधी दावेदार है। उन्हें संसद में जाने से रोकने के लिए लगातार दूसरी बार स्मृति ईरानी को भाजपा ने मैदान में उतारा है।

वे एक चुनाव हारकर भी बतौर इनाम केंद्रीय मंत्री का तमगा पा चुकी हैं। दूसरी बार फिर मैदान में हैं। सोनिया और राहुल के साथ ही इस बार इस परिवार की बेटी प्रियंका के चुनाव प्रबंधन की भी परीक्षा होगी। वे अमेठी-रायबरेली में तो चुनाव प्रचार करती ही रही हैं, लेकिन इस बार उन्हें कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव का ओहदा देकर पूर्वी यूपी की 28 सीटों का जिम्मेदार बनाया गया है। तबसे वे लगातारर यूपी में ही बनी हुई हैं। उनकी मौजूदगी क्या गुल खिलाती है, इस पर भी देशभर की निगाहें लगी है।

इन दोनों सीटों के लिए पांचवे चरण में छह मई को मतदान होना है। इसी चरण में लखनऊ सीट भी है जहां से केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट को अटलजी की सीट के रूप में जाना जाता है। उनके छोड़ने के बाद पिछली बार भाजपाई दिग्गज लालजी टंडन ने यह सीट जीती थी। राजनाथ सिंह को पहली बार यहां भेजा गया है। उनका मुकाबला राजनीति में पहला कदम रखने वाली ख्यात फिल्म अभिनेता और हाल ही में भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थामने वाले शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम से हो रहा है।

पूनम को समाजवादी पार्टी ने सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर उतारा है। उन्हें यहां के कायस्थ मतों, सिंधी मतों का भी भरोसा है। वे मूलतः सिंधी है और विवाद पश्चात कायस्थ हो चुकी हैं। इसके साथ ही सपा व बसपा के परंपरागत मतों का आसरा तो है ही। कुल मिलाकर राजनाथ सिंह के लिए भी यह प्रतिष्ठा का प्रश्न है। इन सीटों के अलावा उत्तरप्रदेश में पांचवे चरण में बांदा, गोंडा, सीतापुर, फिरोजाबाद, धौरहरा, मोहनलालगंज, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, बहराइच एवं कैसरगंज सीट भी पांचवे चरण में ही है। इन सीटों पर फतह पाने के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अखिलेश यादव, मायावती के साथ ही राहुल गांधी व सोनिया गांधी तो यहां पहुंचेंगे।

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