बच्चों से लेकर बड़ों तक सबके लिए है – दी लर्निंग ट्री

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कोविड के समय में, महामारी ना फैले इसलिए हमें लॉकडाउन का सहारा लेना पड़ा, जिसके कारण सभी लोगों को घरों में बंद रहना पड़ा. काम काज, सामजिक कार्य, विद्यालय आदि सब बंद हो गए, साथ ही बंद हो गयी अच्छी आदतें भी, जैसे योगा, ड्राइंग. ऐसे कठिन समय में भी कुछ लोगों ने डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर शुरू किया सकारत्मकता और ज्ञान प्रचार और प्रसार. दी लर्निंग ट्री भी उन्हीं में से एक है, इन्होंने बच्चों और बड़ों दोनों का ध्यान रखते हुए अपने विशेष कोर्स प्रारम्भ किये।

बच्चों के लिए ड्राइंग, चैस, वैदिक मैथ्स, पेंसिल स्केच, स्पीकिंग इंग्लिश, फोनिक्स, अबेकस आदि वहीं बड़ों के लिए फिटनेस प्रोग्राम, योगा सेशंस का आयोजन किया गया. कोविड के मरीजों के लिए मुफ्त योगा वर्कशॉप भी आयोजित किया गया था, जिसमे लोगों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया. दी लर्निंग ट्री की सीईओ इंद्रा कासलीवाल ने बताया कि ज़ूम एप के माध्यम से आयोजित की गयी क्लासेज और वर्कशॉप में ना सिर्फ हमारे देश के बल्कि विदेशों से भी लोगों ने हिस्सा लिया और सभी गतिविधियों का खूब आनंद लिया ।

उन्होंने आगे बताया कि, वैदिक मैथ्स जैसे कोर्स के लिए छोटे बच्चों के साथ, कॉम्पिटिटिव परिक्षाओं में भाग लेने वाले बच्चों ने भी रजिस्टर किया, उनका कहना था कि वैदिक मैथ्स उन्हें परीक्षा में काफी सहायता करेगा. श्रीमती इंद्रा ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि उनके यहाँ चैस और वैदिक मैथ्स का सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले बच्चे, स्टेट और नेशनल लेवल पर भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।

महामारी के इस समय में जब हम बच्चों को घरों में रहने का कहते हैं, उस समय ऐसी किसी गतिविधि का हिस्सा बनना उनके लिए हितकर होगा.दी लर्निंग ट्री में चैस, वैदिक मैथ्स, पेंसिल स्केच, ड्राइंग, फोनिक्स आदि के सम्पूर्ण सर्टिफाइड कोर्सेस उपलब्ध हैं, कोई भी इन कोर्सेस से आसानी से जुड़ सकता है और अपने ज्ञान में वृद्धि कर सकता है.