गजब ! हिंदू, सिख, ईसाई के साथ मुस्लिम भी चार धाम की यात्रा पर..

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नई दिल्ली : अभी तक आपने दुनिया में कई तरह की दोस्ती देखी होगी पर क्या कभी आपने ऐसे दोस्तों के बारे में सुना है, जिसके धर्म अलग-अलग होने के बावजूद सभी एक साथ लंबे समय से दोस्ती निभा रहे हो। अगर नहीं तो आइयें आज हम आपको बताते है ऐसी दोस्ती के बारे में जिसके बारे में जानकार आप भी चौंक जाएंगे।Related image

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दरअसल, अलग-अलग धर्मों के बावजूद दीपावली, ईद, क्रिसमस और लोहड़ी साथ मिलकर मनाने वाले ये दोस्त नजीबाबाद के रहने वाले हैं और चारों परिवार इस वक्त चारधाम यात्रा पर निकले हैं। ऐसा कर ये लोग भाईचारे की मिसाल कायम कर रहे हैं और सभी को आपसी प्रेम, सम्मान और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दे रहे हैं।Related image

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आपको बता दे कि केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा पूरी करके रविवार को लौटे हाजी अब्दुल मलिक, रामनिवास पाल, प्रमोद मैसी, सरदार दिलबाग सिंह ने बताया कि अभी दो धाम की यात्रा करनी शेष है। अब वे यमुनोत्री व गंगोत्री की यात्रा की योजना बना रहे हैं। इनका कहना है कि एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करते हुए सभी लोग दूसरे धर्मों को सम्मान से देखें तो कही कोई फसाद और मनमुटाव हो ही नहीं सकता । उन्होंने इसका मिसाल खुद को बताया।Related image

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दूर-दूर रहने पर भी कायम है दोस्ती
दिलबाग सिंह बड़िया में खेती करते हैं। काजी अब्दुल मलिक नजीबाबाद के आदर्शनगर में रहते हैं। इनका निर्माण का काम हैं। प्रमोद कुमार मैसी नजीबाबाद के सुभाषनगर में रहते हैं। वे अब दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते हैं और परिवार के साथ वहीं रहते हैं। रामनिवास भी आदर्शनगर के निवासी हैं, लेकिन अब इनका दिल्ली में रेस्टोरेंट है। इन्होंने बताया कि इनका उद्देश्य भाईचारा कायम रखना है। वे देश और समाज के लोगों को भी संदेश देना चाहते हैं कि सभी एक साथ मिलकर रहें। Related image

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30 साल से अटूट है इनकी दोस्ती
अब्दुल कादिर ने बताया कि चारों मित्रों के बीच 30 सालों से अटूट मित्रता है। चारों लोगों के परिवार ईद, दिवाली, क्रिसमस, वैसाखी व लोहड़ी साथ मिलकर मनाते हैं। बचपन से चारों साथ पढ़े और 30 साल बाद आज भी उनकी दोस्ती बरकरार है। इनकी दोस्ती आज पारिवारिक घनिष्ठता में बदल चुकी है। चारों के परिवार त्योहारों पर एक जगह मिलते हैं और सभी त्योहार साथ ही मनाते आ रहे हैं।

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