कमलनाथ सरकार में पंगु हो गया प्रशासन : मालू | Formation of Modi Government is much cleared: Govind Malu…

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govind malu

देवास-शाजापुर लोकसभा क्षेत्र के सहप्रभारी और मप्र राज्य खनिज विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष गोविंद मालू ने कहा कि पूरे देश में मोदीजी के नेतृत्व वाली सरकार बनाने का जनता का मूड साफ है। भाजपा के पूर्ण बहुमत वाली एनडीए सरकार अगले पांच साल के लिए देश को सुशासन देकर जनआकांक्षाओं को पूरा करेगी।

प्रदेश में हम 29 सीटें जीत रहे हैं! मालू ने कहा कि चुनाव प्रचार के अंतिम दिन रोज कांग्रेस से पांच सवाल पूछे जो प्रदेश के प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में पंाच हजार से ज्यादा वाॅट्सएप ग्रुप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर आम लोगों ने पढ़े और फॉरवर्ड किए। जबरदस्त चर्चा का केंद्र रहे, प्रतिक्रियाएं भी खूब आई। कई कांग्रेस के नेताओं ने इन तीखे 60 सवालों से तिलमिलाते हुए व्यक्तिगत फोन किए और कहा कि आप क्यों गड़े मुर्दे उखाड़ रहे हो, लेकिन, वर्तमान मोदी सरकार के किए कुछ कार्यों की 55 साल के कांग्रेस सरकार से तुलना करके पूछा कि आप यह क्यों नहीं कर पाए ? जो भाजपा सरकार ने किया तो वे निरुत्तर ही रहे।

मालू ने मुख्यमंत्री से पूछा कि चुनाव के बाद अब जो तबादले होंगे वे क्या बदले की भावना से होंगे या चुनावी खर्च निकालने तबादला उद्योग फिर चलेगा। कमलनाथ बार-बार आरोप लगाते हैं कि भाजपा उनके विधायकों को आॅफर दे रही है, उन दस विधायकों के नाम और प्रमाण दें कोरे आरोप लगा कर सुर्खियां बटोर कर सरकार बचाने का जतन न करें।

दिग्विजय सिंह को कठिन सीट से लड़ने के लिए विवश करने वाले कमलनाथ बताएं कि वे और उनके पुत्र ने क्यों अपने लिए सबसे सुरक्षित सीट चुनी। क्या वे छिंदवाड़ा के ही मुख्यमंत्री है। मालू ने कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्र में लगातार पार्टी के प्रचार में गांव-गांव तक गए जहां कमलनाथ सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखा गया, लोगों के कांग्रेस के खिलाफ जो प्रमुख प्रश्न उभरे वह आज मैं कांग्रेस से पूछ रहा हूं।

इन सवालों के मांगे जवाब

  1. दो लाख कर्जमाफी पर आजतक सरकार झूठ बोल रही है, दस दिन में वादा पूरा क्यों नहीं किया?
  2. बिजली अब क्यों जा रही है? अपराध क्यों बढ़ रहे हैं?
  3. भावान्तर का पैसा किसानों को क्यों नहीं मिल रहा?
  4. गेहूं, सोयाबीन का बोनस नहीं मिला और चने की खरीद सरकार क्यों नहीं कर पा रही है?
  5. बेरोजगारी भत्ता देने और स्वयं सहायता समूह के ऋण माफी के वादे का क्या हुआ? इसके अलावा तबादलों में घोर भ्रष्टाचार से प्रशासन पंगु हो गया, जिससे भ्रष्टाचार चरम पर पहुंचा!

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