पैसों से जुड़ी यह बात आप जान लेंगे, तो कभी नहीं होगी कमी | Financial Tips for Problems related to Money…

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हम इंसानों के लिए पैसा क्या अहमियत रखता है इस बात से आज हर कोई वाकिफ है। हम सुबह से शाम पैसा कमाने के लिए इतनी मेहनत करते है। धन भले ही हमारे जीवन के सुख का आधार नहीं हो सकता है, लेकिन तमाम तरह के सुख को पाने के लिए इसकी बहुत जरूरत होती है। शिक्षा, व्यापार और परिवार से लेकर रोटी, कपड़ा और मकान जैसी प्राथमिक जरूरतों तक के लिए धन खर्च करना पड़ता है। यहां तक तो धन खर्च करना ठीक है लेकिन आज कल हम अपने स्टेटस मैनटेन करने के लिए अपनी मेहनत की कमाई को फिजूल की चीजों में ही खर्च कर देतें है। जिसका हमे बाद में पछतावा भी होता है। जीवन के लिए पैसा बहुत जरूरी चीज है लेकिन इसे कमाने से पहले इसे खर्च का ज्ञान होना उससे ज्यादा जरूरी बात है। जानें धन से जुड़ी ऐसी ही 10 बड़ी बातें।

चाणक्य के अनुसार पैसा ही पैसे को खीचता है। एक निर्धन व्यक्ति चाहे कितनी भी मेहनत कर ले लेकिन वह धनी नहीं बन सकता है, बिल्कुल वैसे ही जैसे हाथियों के माध्यम से हाथी वश में किए जाते हैं, वैसे ही धन से ही धन को प्राप्त किया जाता है।

महान नीतिकार विदुर कहते है कि ‘‘धन उत्तम कर्मों से उत्पन्न होता है, प्रगल्भता से बढ़ता है, चतुराई से फलता-फूलता है और संयम से सुरक्षित होता है’’।

चाणक्य ने कहा है कि ‘‘जीवन में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसे धन के द्वारा प्राप्त न किया जा सकता हो। ऐसे में हर बुद्धिमान् व्यक्ति को एकमेव धन अर्जित करने का प्रयास करना चाहिए’’।

कबीर ने भी धन की कामना करने वालों के लिए कहा है कि ‘‘उल्टी खोपड़ी वाला व्यक्ति धन को लेकर कभी संतुष्ट नहीं होता, वह हमेशा इसी फेर में लगा रहता है कि तीनों लोकों की संपत्ति कब उसके पास आ जायेगी’’।

जोनाथन स्विफ्ट के अनुसार, ‘‘एक बुद्धिमान व्यक्ति को पैसा दिमाग में रखना चाहिए, दिल में नहीं ’’।

महात्मा गांधी भी धन को संचय कर रखने के लिए कहते है कि ‘‘जो लोग समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाए हुए धन के बराबर होता है’’।

वॉरेन बफे के मुताबिक किसी भी व्यक्ति का खर्च हमेशा उसकी कमाई से कम ही रहना चाहिए। इसके लिए फिजूलखर्ची पर लगाम लगानी होगी। उसे अपनी जरूरतों और ख्वाहिशों में अंतर समझना होगा।

होरेस ने भी पैसों के उपयोग को लेकर कहा है कि ‘‘पैसा आपका सेवक है, यदि आप उसका उपयोग जानते हैं, वह आपका स्वामी है, यदि आप उसका उपयोग नहीं जानते’’।

कुछ लोग ऐसे भी होते है जो चाहे कितना भी कमा ले लेकिन उन्हें कभी संतुष्टि नहीं रहती वे और भी ज्यादा धन पाने के इच्छुक होते है ऐसे लोगों के लिए संत कबीर कहते हैं- ‘‘गोधन, गजधन, अश्वधन और रत्नधन खान, ये सब उसी समय बेकार हो जाता है, जब मनुष्य के पास संतोष धन आ जाता है’’।

चाणक्य के मुताबिक ‘‘गंदे वस्त्र धारण करने वाले, दांत न साफ करने वाले, पेटू व्यक्ति, कड़वे वचन वाले और ऊषा काल यानी सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त के समय सोने वाले व्यक्ति के पास कभी लक्ष्मी नहीं ठहरतीं’’।

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