Jnnrum, सिंहस्थ, अम्रत योजनाओं कि, सीवरेज लाइन फैल को लेकर याचिका दायर। Filed for Simhastha, open plans, sewerage line spread

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इन्दौर। 2006 मै 2021 के लिए आंकलित 30 लाख जनसंख्या के मान से Jnnrum योजना में काम किया गया। 324 करोड रुपये खर्च किये गये। योजना असफल होने पर 77 करोड रुपये कि सिंंहस्त नाला टैपिंग योजना 2015 में पुर्ण कि गयी। पुनः असफल होकर 2016 मै अमृत योजना में 2021 कि 30.65 लाख जनसंख्या मान कर 1339.34 करोड रुपये कि योजना पर कार्य किया जा रहा है। मास्टर प्लान अनुसार 2021 में जनसंख्या 35.66 लाख जनसंख्या के आकलन आधारित विकास योजना 2008 से लागू कि गयी है। 17% फ्लोटिंग पापुलेशन जोडकर 2021 मै 41.81 लाख जनसंख्या होनी है। इस तरह 11लाख कम जनसंख्या के लिए काम किया जा रहा है।

योजनाओं में प्रतिव्यक्ति 135 लिटर पानी खपत दैनिक मान कर बनाई गयी है। जबकि भुमि विकास नियम अनुसार 355 लिटर प्रति व्यक्ति दैनिक खपत का नियम निर्धारित है। इस तरह 220 लिटर कम 62% सिवरेज कि कोई व्यस्था नहीं कि गयी है। गलत आंकलन से 42 लाख जनसंख्या के लिए 1500 मिलियन लिटर पानी कि खपत के बदले 600 mld पानी कि व्यवस्था कि गयी है। जिसके वितरण मै 30 % हानि होना दर्शाया गया है।

इस तरह 2021 मै इन्दौर में 60% भुजल उपयोग होगा। 2011 मै 712 कि जगह 2021 में 1200 मिलियन लिटर दैनिक उपयोग होगा। 2011 में निगम परिक्षण अनुसार 91% भुजल दुषित होकर पीने योग्य नहीं है ।पीना पिना प्रतिबंध है। फिर भी निगम पिला रही है।

1500 मीलियन लिटर पानी उपयोग का 80% सिवरेज उत्पन्न होगा। जबकि ट्टिटमेंट 365 मात्र होगा।

योजना सुधार, लागु कि गयी योजनाओं के गलत आकंलन कि जांच, दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही कि न्यायालय से न्याय अपेक्षा कि गयी है। याचिका किशोर कोडवानी ने सह याचिका कर्ता महेश वर्मा के साथ दायर कि है।

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