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किसानों के पसीने का पूरा मूल्य मिले, यही मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है – मुख्यमंत्री

Posted on: 28 May 2018 05:22 by Ravindra Singh Rana
किसानों के पसीने का पूरा मूल्य मिले, यही मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है – मुख्यमंत्री

इंदौर: मध्यप्रदेश की खेती देश में हमेशा सर्वश्रेष्ठ बनी रहे, इस दिशा में हम कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का सपना है कि सन 2022 तक प्रत्येक किसान की आय दोगुनी हो जाये। इस दिशा में हम सतत् आगे बढ़ रहे हैं। इस कार्य में मध्यप्रदेश का किसान भी अपना सहयोग प्रदान कर रहा है। जिसके कारण आज प्रदेश में हर फसल का भरपूर उत्पादन हो रहा है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने फ्री प्रेस द्वारा इन्दौर में आयोजित मध्यप्रदेश श्रेष्ठ कृषि क्रान्ति कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को सम्बोधित करते हुए उक्त बाते कही। साथ ही मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को आयोजित करने हेतु फ्री प्रेस ग्रुप का भी आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि इस मंथन से प्राप्त निष्कर्ष पर उचित निर्णय लिया जायेगा। जिससे किसानों की स्थिति और बेहतर बन सके।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अच्छी तरह से जानते हैं कि मध्यप्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जाना है तो सबसे ज्यादा ध्यान खेती पर देना होगा। इस दिशा में उन्होंने पिछले 12 साल में प्रयास करते हुए सिंचित क्षेत्र को 7 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर आज 40 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा दिया है। अब आगे इसे बढ़ाकर 80 लाख हेक्टेयर करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

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इसलिये नदी जोड़ो जैसे कार्य किये जा रहे हैं। वहीं किसानों को सिंचाई हेतु निर्धारित समय पर भरपूर बिजली मिले, इसके लिये फीडर सेपरेशन का कार्य भी किया गया है। साथ ही किसानों को शून्य प्रतिशत पर ऋण, किसान समृद्धि योजना के तहत बोनस की राशि, बीज बदलने की व्यवस्था, एडवान्स खाद उठाने पर लगने वाले ब्याज को शून्य करना, भावान्तर भुगतान जैसे प्रयोग करना, लहसून, चने, मसूर की खरीदी का भी मूल्य निर्धारित करने जैसे कार्य किये गये हैं। यह सब कार्य किसानों को उनके पसीने का वाजीब दाम दिलवाने के लिये किये गये हैं।

किसानों की तालियों के गड़गड़ाहट के बीच मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचने वाले किसान भूल गये थे, किन्तु उन्होंने याद रख कर 200 रूपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस की राशि इस वर्ष दिलवाई है। अब इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचने वाले किसानों को 265 रूपये प्रति क्विंटल बोनस की राशि दिलवाई जायेगी।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि आज मध्यप्रदेश में हर फसल का भरपूर उत्पादन हो रहा है। इसके कारण कुछ परेशानियाँ भी किसानों को आ रही है। उनकी फसल का वाजीब दाम मिले इसके लिये अब प्रदेश की सरकार उन्हें बतायेगी कि वे अपने खेत में क्या लगायें, जिससे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित होने वाले फसल मूल्य का उन्हें भरपूर लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया कि सरकार उद्यानिकी क्षेत्र में हुई क्रान्ति के मद्देनजर फूड प्रोसेसिंग के लिये भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। अब 10 करोड़ रूपये तक के फूड प्रोसेसिंग यूनिट को मेगा प्रोजेक्ट मानकर कई लाभ दिये जायेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खेती किसानी के क्षेत्र में क्रान्तिकारी परिवर्तन करने वाले रतलाम जिले के तीतरी ग्राम के किसानों द्वारा अंगूर से वाइन बनाने, शाजापुर एवं आगर मालवा में संतरा का बेहतर उत्पादन करने वाले किसानों का भी उदाहरण प्रस्तुत कर किसानों को प्रोत्साहित किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया कि प्रदेश की सरकार उनके हितों के संरक्षण के लिये बासमती चावल का पेटेंट प्राप्त करने हेतु अन्य राज्यों के दावों को चुनौती दे रही है। साथ ही प्रदेश में बटाई पद्धति को कानूनी जामा पहनाकर भूस्वामी एवं खेती करने वाले के हितों का संरक्षण कर रही है। प्रदेश में कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में हो रहे बम्पर उत्पादन के मद्देनजर कृषि उत्पाद को निर्यात करने की दिशा में भी कदम बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

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