Breaking News

नकली दवा की पहचान हो सकेगी व्हाट्सअप पर, सरकार ने प्रस्ताव को दी हरी झंडी

Posted on: 25 May 2018 13:41 by Praveen Rathore
नकली दवा की पहचान हो सकेगी व्हाट्सअप पर, सरकार ने प्रस्ताव को दी हरी झंडी

नई दिल्ली। देश में नकली दवा की मार्केट में भरमार है। कई बार ऐसे मामले सामने भी आ चुके हैं। सरकार ने अब इसके लिए रास्ता निकाल लिया है। नकली दवा और महंगी दवा या कालाबाजारी से मरीजों को मुक्ति मिल सकेगी।  दरअसल ड्रग्स टेक्निकल अडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) ने पिछले दिनों हुई बैठक में ट्रेस ऐंड ट्रैक व्यवस्था लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। यह प्रस्ताव लागू होता है तो इससे न सिर्फ आम आदमी को राहत मिलेगी बल्कि उन कंपनियों के लिए भी यह राहत भरी खबर है, जिनके प्रोडक्ट बाजार में नकली बिक रहे हैं। फिलहाल ऐसी दवाओं की मार्केट की मांग के आधार पर सूची बनाई जा रही है। बताया जाता है कि ज्यादा बिकने वाली ऐसी तीन सौ दवाओं टेबलेट और सीरप को चिन्हित कर लिया गया है।
सरकार इस योजना के तहत चौदह डिजिट का यूनिक कोड जारी करेगी, जिसमें दवा की या सीरप की गुणवत्ता, कीमत, मैन्युफेक्चर कंपनी की जानकारी आदि व्हाट्सअप पर मिल सकेगी। कंपनी का फोन नंबर भी होगा, यूनिक कोड को दिए गए नंबर पर जिस पर मैसेज करने से जानकारी मिल सकेगी। इधर, फार्मा कंपनी की एसोसिएशन ने कहा है कि वह सरकार के इस प्रस्ताव को लेकर पूरी तरह गंभीर और तैयार भी है, लेकिन इंडस्ट्रीज ने सवाल उठाया है कि इस व्यवस्था को लागू कौन और कैसे करेगा? एसोसिएशन का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय को यूनिक कोड व्यवस्था लागू करना चाहिए। कहना है कि ये व्यवस्था लागू होती है तो कंपनियों को नकली प्रोडक्ट की चुनौती से मुकाबला नहीं करना पड़ेगा वहीं उपभोक्ताओं को भी असली दवा और उचित कीमत पर प्रोडक्ट मिल सकेगा।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com