आंखों से छेड़छाड़ महंगी पड़ेगी डॉक्टरों को, मंत्री पटवारी ने इंदौर में कहा

पटवारी ने कहा कि सभी मरीजों को चोइथराम अस्पताल में रेफेर किया गया है। इन सभी मरीजों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी

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jitu patwari

इंदौर: इंदौर के आंख के अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन में एक मरीज की आँखों की रौशनी चली गई थी। इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ली है। मरीज की आँखों की रौशनी जाने के बाद सरकार ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही डॉक्टर्स के खिलाफ भी कार्रवाई करने की बात कही है।

इस पूरे मामले पर राज्य के खेल मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि सभी मरीजों को चोइथराम अस्पताल में रेफेर किया गया है। इन सभी मरीजों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी और इन्हें 50-50 हजार रुपए की भी सहायता दी जाएगी।

वहीं स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। पीड़ितों को तत्काल रेड क्रॉस के माध्यम से 20-20 हजार की राशि दी जाएगी। मामले की जांच के लिए 7 सदस्यीय जांच कमेटी भी बनाई गई है।

मोतियाबिंद प्रकरण में कलेक्टर लोकेश जाटव ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी प्रकरण की जाँच करेंगे। कलेक्टर ने बताया है कि सभी मरीज़ों को बेहतर इलाज के लिए चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। इन सभी मरीज़ों के उपचार का ख़र्च शासन द्वारा वाहन किया जाएगा। कलेक्टर ने बताया है कि इस बात की जाँच की जाएगी किअस्पताल प्रबंधन द्वारा किस तरह की लापरवाही बरती गई है। जाटव ने बताया है कि संबंधित अस्पताल का OT सील कर दिया गया है। साथ ही दोषी पाए जाने पर हास्पिटल का लाइसेंस भी निलंबित किया जाएगा। सभी प्रभावित मरीज़ों को रेडक्रास से सहायता राशि दी जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इस घटना पर दुःख जाहिर करते कि देश के ख्याति प्राप्त शंकर नेत्रालय के डाक्टर राजीव रमण को बुलाया गया है l डाक्टर रमण रविवार 18 अगस्त को सुबह इंदौर पहुँच रहे है। हमारा प्रयास के इन लोगों की आँखों की रौशनी वापस लौटाई जा सके।

स्वस्थ्य मंत्री ने कहा, इन मरीजों को धार रोड चोईथरान नेत्रालय में शिफ्ट भी किया गया है। साथ ही इसको लेकर एक उच्च स्तरीय कमिटी का बह गठन किया गया है। जिसे इस गंभीर मामले की समीक्षा कर इसकी सूचना देने के निर्देश जारी किये गए हैं। जाँच कमेटी में कमिश्नर आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर लोकेश जाटव, डीन डॉ ज्योति बिंदल, सी.एम.एच.ओ.डॉ प्रवीण जड़िया, डॉ.सुमित शुक्ला, विभागाध्यक्ष नेत्र विभाग डॉ विजय भइसारे,वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ राजीव चौधरी को सदस्य बनाया गया है।

इसके अलावा सभी विभागों को इस अस्पताल का लायसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ की अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने के निर्देश दिए हैं।
सिलावट ने पीड़ित परिवार को 20-20 हजार रुपये देने की घोषणा भी की उन्होंने कहा है कि मामले में लापरवाही बरतने वाले किसी भी शख्श को नहीं बख्शा जायेगा।

आई हॉस्पिटल महानिदेशक सुधीर महाशब्दे के मुताबिक सुडोमोनास एरोजिनोसा बेक्टेरिया के कारण हुई, मरीजो की आखों में तकलीफ

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