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एवरजेन और एयरलैब्स ने विश्व के प्रथम स्वच्छ वायु क्षेत्र एयरहेवन की घोषणा की

Posted on: 20 Jun 2018 06:12 by Ravindra Singh Rana
एवरजेन और एयरलैब्स ने विश्व के प्रथम स्वच्छ वायु क्षेत्र एयरहेवन की घोषणा की

नई दिल्ली: एवरजेन सिस्टम्स ने अपने तकनीकी पार्टनर एयरलैब्स के साथ आज एयरहेवन के लॉन्च की घोषणा की। एयरहेवन विश्व का प्रथम स्वच्छ वायु क्षेत्र है, जिसे दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब के लाखी शाह बंजारा हॉल में भारत भर में वायु प्रदूषण को दूर करने की कंपनियों की योजना की घोषणा के साथ इस क्रांतिकारी टेक्नोलोजी के प्रदर्शन हेतु निर्मित किया गया है।

इस अवसर पर डॉ मैथ्यू जॉनसन, कोपेनहेगन विश्वविद्यालय में वायुमंडलीय रसायन विज्ञान के प्रोफेसर और एयरलैब्स के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी तथा सुखबीर एस सिद्धू, संस्थापक और सीईओ, एवरजेन सिस्टम्स, डॉ शंकर अग्रवाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक, गैस मेट्रोलॉजी अनुभाग, राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला और डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जी उपस्थित थे।

एयरहेवन ने लंदन में सिटीट्री लॉन्च करके, ब्रिटेन में शहरी वायु प्रदूषण का सामना करने टेक्नोलोजिकल निवारण इन्सस्टाल करने वाली प्रथम कंपनी बनने का सम्मान प्राप्त किया था। पूरे ब्रिटेन में सिटीट्री इन्स्टाल करने के लिए कंपनी महानगरपालिकाओं, स्थानिक अधिकारियों और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। करीब दो साल के संशोधन और क ई और टेक्नोलोजीयों के परीक्षणों के बाद, एवरजेन के पास शहरी वायु प्रदूषण की सफाई के लिए दुनिय का पहला बायोटेक फिल्टर-सिटीट्री- का इक्सकलसिव लाइसेंस है।

एयरहेवन एक ऐसी वास्तुशिल्प कृति है जिसे वायु प्रवाह के नियंत्रण हेतु तरतला के नियमों का उपयोग करके विशेष रूप से डिजाइन करके बनायी गयी है। एयरहेवन उच्च कार्यक्षमता वाले कम्प्यूटिंग के साथ वैसी ही क्षमता वाले एयर फिल्टर्स का संयोजन करता है। अनोखी एयरलैब्स टेकनोलोजी वायुमंडलीय रसायनशास्त्र और एयरफ्लो इंजीनियरिंग का संयोजन करके, हवा से मोनो नाट्रोजन आॅक्साइड NOx, सोडियम आॅक्साइड SOx, कार्बन डायक्साइड Co2 और ओजोन जैसे गैसों को दूर करने के लिए रासायनिक माध्यम तथा 97-99% तक फाइन डस्ट पार्टिकल्स (धूल के कण) हटाने के लिए नैनो पार्टिकल्स के संयोजन वाली विशिष्ठ ड्यूल फिल्टर सिस्टम का उपयोग करता है।

इस लॉन्च के अवसर पर बातचीत करते हुए एवरजेन सिस्टम्स लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ श्री सुखबीर एस सिद्धू ने कहा, वायु की गुणवत्ता बडी समस्या है और शायद  ही कोई ऐसा दिन होगा जब राष्ट्रीय या शहरी मीडिया में हमारी वायु की खराब गुणवत्ता और मानव-स्वास्थ्य पर इसके दुष्प्रभाव पर चर्चा न होती हो। इस समस्या का हल ढूूँढने के लिए हमारी कंपनी ने 2016 की शुरूआत से प्रयास कर रही है। आगे उन्होंने कहा, हमें खुशी है कि अपने टेक्नोलॉजी पार्टनर एयरलैब्स के साथ मिलकर हमने इस टेक्नोलॉजी के प्रदर्शन के लिए पायलट क्लीन एयर जोन खडा करने के साथ पूरे भारत में वायु प्रदूषण दूर करने की घोषणा की है।

शहर के बीचोबीच इसके लिए उपयुक्त जगह पाना एक बडी चुनौती थी। हम दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के आभारी हैं की उसने हमें एयरहेवन पायलट के लिए जगह देने के साथ-साथ इस पावन स्थल की तमाम सुविधाओं के उपयोग की भी छूट दी। एक बात स्पष्ट करना चाहूँगा कि बाहरी वायु प्रदूषण की सफाई करने में सक्षम यह एकमात्र टेक्नोलॉजी है। इसका परीक्षण लंदन विश्वविघालय ने किया है और जल्द ही दिल्ली में भी एनपीएलआई द्वारा होने जा रहा है।

लॉचिंग के इस अवसर पर कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक और प्रोफेसर डॉ. मैथ्यू जॉनसन ने कहा, हमने असंभव को संभव किया है। आज, हम अपने सहयोगी एवरजेन इंडिया के साथ भारत के लोगों के लिए दुनिया के पहले ओपन-एयर क्लीन एयर जोन – एयरहेवन को समर्पित कर रहे हैं। हमारी टीम पिछले कुछ दिनों से एयरहेवन के अंदर और बाहर से हवा की गुणवत्ता की निगरानी करती रही है। हमारे पास हवा की गुणवत्ता से जुडे आँकडों की वास्तविक अपडेट हैं, और इसके परिणाम आश्चर्यजनक हैं क्योंकि हमने 70% तक प्रदूषण में कमी पायी है। राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला, गैस मेट्रोलॉजी सेक्शन भी वायु गुणवत्ता की स्वतंत्र रूप से जांच कर रहा है।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने कहा, जब एवरजेन की टीम ने इस पायलट के बारे में हमसे संपर्क किया तो हमें खुशी हुई। यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात है क्योंकि वायु प्रदूषण हर एक की समस्या है। दुनिया हवा को साफ करने के इस चमत्कार पर आश्चर्यचकित होगी, जिसमें हम सभी सांस लेते हैं और हम इस सवोत्कृष्ट टेक्नोलॉजी के जरिये बेहतर भविष्य की कल्पना कर रहे हैं।

गुरुद्वारा रकाबगंज, जहां एयरहेवन पायलट तीन सप्ताह के लिए सम्पन्न रहा है, वह दिल्ली में स्थित है। सामान्य जनता, छात्रों, राजनेताओं और आम नागरिक नेताओं को एयरहेवन की मुलाकात लेकर स्वच्छ हवा का आनंद लेने और इस क्रांतिकारी तकनीक के बारे में जानने के लिए आमंत्रित किया जाता है। यह पूरी तरह से नि:शुल्क है।

संपादकोंं के लिए ध्यातव्य:
एवरजेन सिस्टम्स लिमिटेड के बारे में

2010 में स्थापित एवरजेन एक बहु पुरस्कार विजेता क्लीनटेक कंपनी है। स्थापना से ही उसका मिशन वातावरण में ऊजा की खपत और कार्बन डायक्साइड के उत्सर्जन को कम करना रहा है। कंपनी घरों, वाणिज्यिक भवनों और सार्वजनिक क्षेत्र की इमारतों पर सौर ऊर्जा उत्पादन, बिजली भंडारण और ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली स्थापित कर रही है। समय के साथ कंपनी का व्यवसाय ऊर्जा बचत और Co2 कम करने से आगे बढ़कर प्रदूषण कम करने तथा वायु स्वच्छता तक विकसित हुआ है।

एयरलैब्स के बारे में
एयरलैब्स की स्थापना कोपेनहेगन विश्वविघालय में वायुमंडलीय रसायन विज्ञान के प्रोफेसर मैथ्यू जॉनसन और लंदन स्थित व्यवसायी सोफी पावर, जो अपने बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में चिंतित थे,ने की थी। प्रदूषित शहरों में सांस ले रहे लोगों को स्वच्छ हवा देने के लिए कंपनी मौजूद है। एयरलैब्स पूरे शहर में सही सवच्छ वायु क्षेत्र बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग के साथ-साथ अपने सेंसर नेटवर्क और एयरफ्लो मॉडलिंग की क्षमताओं के माध्यम से वायु पद्रूषण की अधिक समझ को जोडती है।

एयरलैब्स ने लंदन में कई परियोजनाऐं शुरू की हैं। बस स्टैण्ड से बैंच तक यानी एयरहेवन बाहरी वायु सफाई का पहला बडे पैमाने पर प्रदर्शन है। कंपनी ने वाहनों के अंदर अत्यधिक प्रदूषित हवा को साफ करने के लिए अपना पहला उपभोक्ता उत्पाद, एयरलैब्स लॉन्च किया। एयरलैब्स की टैक्नोलॉजी का कवरेज पूरी दुनिया के प्रसार माध्यमों में हुआ है और इसे स्वतंत्र वैज्ञानिक सत्यापन भी प्राप्त है।

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