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इवेंट ऑर्गनाइजर महिला ने हवस के पुजारियों को पहुंचाया जेल

Posted on: 08 May 2018 16:58 by Lokandra sharma
इवेंट ऑर्गनाइजर महिला ने हवस के पुजारियों को पहुंचाया जेल

पत्रकार ऋषिकेश राजोरिया की फेस बुक वॉल से

संदीप दिल्ली में मोबाइल फोन की दुकान चलाता है। करीब दो महीने पहले एक कार्यक्रम में उसकी मुलाकात एक इवेंट ऑर्गनाइजर नलिनी से हो गई। उसने नलिनी का फोन नंबर ले लिया और उसे जब तब फोन करने लगा। इवेंट ऑर्गनाइजर का काम जन संपर्क का होता है। संदीप से नलिनी की पहचान बढ़ने लगी। संदीप ने नलिनी के साथ मौज मस्ती करने का प्लान बनाया। इसके बारे में अपने दोस्तों को भी बताया। प्लान के तहत उसने नलिनी को झांसा दिया कि राजस्थान में उसकी फैक्ट्री है। वहां उसे एक पार्टी का आयोजन करना है। नलिनी पार्टी का आयोजन करने के लिए तैयार हो गई।

संदीप ने उसे अलवर बुलाया और भिवाड़ी के एक होटल में उसके ठहरने की व्यवस्था कर दी। अगले दिन सुबह फैक्ट्री चलने के लिए कहा। इस दौरान उसने नलिनी को धोखे से नशीला पदार्थ पिला दिया। अपने चार दोस्तों को बुला लिया। वे भी दिल्ली से ही आए थे।

उनमें एक संदीप का जीजा था। नलिनी को नशा करवाकर उन पांचों ने सात भर उसके साथ मौज मस्ती की। गैंगरेप किया। एक अच्छी भली इवेंट ऑर्गनाइजर, जो एक परिचित पर भरोसा करके काम के सिलसिले में अलवर चली आई थी, एक रात में उसकी जिंदगी बदल गई थी।

अगले दिन सुबह उसे होश आया तो उसे कुछ पता नहीं था कि वह कहां है, किस इलाके में है। वह होटल के एक कमरे में बंद थी। और पुरुष के रूप में तीन चार भेडिए उसके आसपास थे। उसने किसी तरह मोबाइल से दिल्ली में अपने किसी मित्र को एसएमएस कर अपनी विपत्ति बताई, तब दिल्ली पुलिस के पास मामला पहुंचा। दिल्ली पुलिस ने राजस्थान पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस ने तत्काल होटल पर दबिश दी और नलिनी को मुक्त करा लिया। साथ ही पांचों आरोपियों को धर दबोचा। वे अब हवालात की हवा खा रहे हैं। यह घटना समाज के चलन की ओर संकेत करती है। मुख्य आरोपी मोबाइल फोन का दुकानदार है। बाकी उसके साथी है। ये सभी अच्छे भले मध्यमवर्गीय परिवार के लोग हैं। इन्होंने यह कैसे सोच लिया कि वे एक महिला के साथ इस तरह की दरिंदगी कर सकते हैं।

पीडिता इवेंट ऑर्गनाइजर है। इस काम में स्मार्ट होना जरूरी है, जो वह थी। खुलकर बातचीत करती थी। क्या इससे संदीप ने यह अंदाज लगा लिया कि वह उसके साथ कुछ भी कर सकता है और उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा? क्या उसने यह सोचा कि एक बार बिस्तर पर आने के बाद वह अपने आप हथियार डाल देगी? इस तरह के कई सवाल इस घटनाक्रम से पैदा होते हैं। अगर पढ़े लिखे लोग ऐसे काम कर रहे हैं तो स्पष्ट है कि शिक्षा में ही कोई खोट है। और …. क्यो होटल वालों की कोई जिम्मेदारी नहीं होती?….. या होटल में यही सब होता है, जो उनकी कमाई का आधार है? ……………….. (सभी नाम काल्पनिक हैं)

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