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भगवा बनाम बुर्का: बाहुबलियों की पत्नियों का मुकाबला | Election between Female Candidates on the Siwan Parliamentary Seat in Bihar

Posted on: 11 May 2019 14:10 by Parikshit Yadav
भगवा बनाम बुर्का: बाहुबलियों की पत्नियों का मुकाबला | Election between Female Candidates on the Siwan Parliamentary Seat in Bihar

पटना | बिहार की सीवान संसदीय सीट पर जिन दो प्रमुख महिला प्रत्याशियों के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है, उनके पतियों की छवि बाहुबली राजनीतिक नेता की है। इस सीट पर राजग से जदयू के टिकट पर दरौंधा की विधायक और बाहुबली अजय सिंह की पत्नी कविता सिंह का मुकाबला पूर्व सांसद एवं बाहुबली नेता मो. शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब से है, जो राजद प्रत्याशी हैं। सार्वजनिक जीवन में हिना शहाब सामान्यत: बुर्के में नजर आती हैं। दूसरी ओर, जदयू प्रत्याशी के पति अजय सिंह सीवान में हिंदू युवा वाहिनी के प्रमुख हैं। इस कारण यहां चुनाव प्रचार में भगवा बनाम बुर्का की चर्चा है। सीवान में यादव-राजपूत जातियों और मुस्लिम समुदाय का खासा प्रभाव है। हालांकि, इस बार चुनाव परिणाम पर अति पिछड़ी जातियों का प्रभाव पडऩे की संभावना है।

 

कविता के पति दिखा रहे दम

अजय सिंह अपनी पत्नी के समर्थन में चुनाव प्रचार के दौरान हिना के बुर्के, मो. शहाबुद्दीन की आपराधिक छवि और पाकिस्तान की बातें भी करते रहे हैं। हालांकि, स्वयं अजय सिंह की छवि एक बाहुबली की है और उन पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। कविता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकारों के विकास कार्यों के आधार पर वोट मांग रही हैं। वहीं हिना शहाब सीवान की बेटी-बहू होने के नाते वोट मांग रही हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में सीवान सीट राजग के खाते में गई थी, लेकिन इस बार कविता सिंह की राह आसान नहीं दिख रही। इस सीट पर वर्तमान सांसद भाजपा के ओमप्रकाश यादव हैं। राजग में सीटों के बंटवारे के तहत इस बार यह सीट जदयू के खाते में गई है। ऐसे में ओमप्रकाश यादव एवं उनके समर्थकों का सहयोग कविता सिंह को मिलेगा, इस बारे में संदेह व्यक्त किया जा रहा है।

 

दो चुनाव में नाकामयाब रहीं हिना

राजद की हिना शहाब पहले दो बार लोकसभा चुनाव में नाकाम रही हैं। उन्हें अपने पति मो. शहाबुद्दीन की बाहुबली छवि की भरपाई करने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विरोधी अपने चुनाव प्रचार में शहाबुद्दीन के दौर के सीवान का जिक्र करना नहीं भूल रहे हैं।राजनीति के अपराधीकरण एवं इस बारे में विरोधियों के आरोप के बारे में पूछे जाने पर हिना शहाब कहती हैं- यह आरोप सीधे-सीधे हमारे परिवार पर लगता है। जब लालू यादव की सरकार बनी थी तब कहा जाता था कि बिहार में जंगल-राज है। आज केंद्र और कई राज्यों में राजग की सरकार है, लेकिन आए दिन हत्याएं हो रही हैं, भ्रष्टाचार चरम पर है। इस बारे में उनकी प्रतिद्वंद्वी कविता सिंह का कहना है कि जिन लोगों के कारनामों से सीवान की भूमि रक्तरंजित हुई, उन्हें जनता बार-बार ठुकरा चुकी है। बाबू राजेंद्र प्रसाद का जन्म जीरादेई में हुआ था, जो वर्तमान में सीवान जिले में आता है।

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