शिवसेना के प्रवक्ता संजय पर कर रही है ईडी बड़ी कार्यवाही, ये मामला आया सामने

टीएमसी पार्टी के नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्यवाही के बाद अब शिवसेना के प्रवक्ता व संसद संजय राउत निशाने पर आ गए है। खबरों के हवाले से पात्रा चॉल घोटाले का मामला यह सामने आया है।

टीएमसी पार्टी के नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्यवाही के बाद अब शिवसेना के प्रवक्ता व संसद संजय राउत निशाने पर आ गए है। खबरों के हवाले से पात्रा चॉल घोटाले का मामला यह सामने आया है। ईडी के अधिकारी आज यानि रविवार को सुबह से उनके घर पर पूछताछ जारी है। बीती 27 जुलाई को मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में समन जारी किया था, लेकिन उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रचार अभियान का हवाला देते हुए पेशी के लिए और समय मांगा था।

ईडी के अधिकारी आज सुबह करीब 7 बजे शिवसेना नेता संजय राउत के आवास पर पहुंचे। तब से अभीतक उन पर कई सवाल दागे गए गए और वे उनका लगातार जवाब दे रहें है। इसके बाद से कई नेताओं ने उनके खिलाफ और साथ उनकी पार्टी के बचाव में बयान दे रहें है। ईडी की 3 टीमें लगातार बड़ी कार्यवाही करते हुए छापेमारी कर रहे है।जिससे उनकी और मुश्किलें बढ़ती जा रही है।

गौरतबल है कि, बीती 27 जुलाई को ईडी ने मनी-लॉन्ड्रिंग के केस में संजय को समन जारी किया था लेकिन उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रचार अभियान का हवाला देते हुए पेशी के लिए और समय मांगा था। इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने तलब किया था। राउत ने अपने वकीलों के माध्यम से सूचित किया कि वे संसद सत्र के कारण 7 अगस्त के बाद ही ईडी के सामने पेश हो सकते हैं।

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मुंबई की पात्रा ‘चॉल’ के पुनर्विकास से जुड़ी कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में ईडी संजय राउत की कथित संलिप्तता की जांच कर रही है। अप्रैल में ईडी ने अपनी जांच के तहत राउत की पत्नी वर्षा राउत और उनके दो सहयोगियों की 11.15 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था।

संजय राउत से इस मामले में 1 जुलाई को करीब 10 घंटे पूछताछ की थी। इस दौरान मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की आपराधिक धाराओं के तहत उनका बयान दर्ज किया गया था।

ईडी के अनुसार ये पूरा मामला है पूछताछ का

  • गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को पात्रा चॉल को पुनर्विकसित करने का काम MHADA ने उसे सौंपा था। इसके तहत मुंबई के गोरेगांव में 47 एकड़ में पात्रा चॉल में 672 किरायेदारों के घरों पुनर्विकसित होने थे।
  • गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने MHADA को गुमराह किया और बिना फ्लैट बनाए ही यह जमीन 9 बिल्डरों को 901.79 करोड़ रुपये में बेच दी। बाद में गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने Meadows नाम से एक प्रोजेक्ट शुरू किया और घर खरीदारों से फ्लैट के लिए 138 करोड़ रुपये जुटाए।
  • जांच में सामने आया कि कंस्ट्रक्शन कंपनी ने गैरकानूनी तरीके से 1,034.79 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की। आगे चलकर उसने गैरकानूनी तरीके से ही इस रकम को अपने सहयोगियों को ट्रांसफर कर दी।
  • गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की सिस्टर कंपनी है। जांच में सामने आया कि HDIL ने करीब 100 करोड़ रुपये प्रवीण राउत के खाते में जमा कराए थे।
  • 2010 में प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खाते में 83 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इस रकम से वर्षा राउत ने दादर में एक फ्लैट खरीदा। ईडी की जांच शुरू होने के बाद वर्षा राउत ने माधुरी राउत के खाते में 55 लाख रुपये भेजे थे।