इंदौर सीएम के सपनों का या मजाक का शहर?

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Dream of Indore CM or a city of fun?

शिवराजजी इंदौर आपके सपनों का नहीं मजाक का शहर लगने लगा है| याद आते हैं वो दिन जब आप विदिशा से सांसद थे और इंदौर में भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों से मिला करते थे| जब से मुख्यमंत्री बने हैं| तब से आपने इंदौर के लोगों से दूरी बना ली है आप कहते कुछ और हैं और करते कुछ और| इंदौर के अभ्यास मंडल से लेकर तमाम सामाजिक-व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मिलने में कभी आप ने रुचि नहीं दिखाई. कभी गलती से किसी सांसद, विधायक ने इनसे आपको मिलवाने की कोशिश की तो आप ने वहां पर पहले से ही उन अफसरों को बुला कर रखा जो इनका सम्मान करना नहीं जानते थे या जो उनके काम को रोकना जानते थे| ऐसा कई बार हुआ जब इंदौर के व्यापारियों की समस्याओं को लेकर वल्लभ भवन, भोपाल में और इंदौर के एयरपोर्ट पर आप से व्यापारियों ने बात की तो आप ने टका-सा जवाब दे दिया कि मैं देख लूंगा, मुझे जल्दी जाना है मेरे बहुत सारे आगे कार्यक्रम हैं|

cm shivraj

शिवराजजी, हमेशा कहते हैं कि यह मेरे सपनों का शहर है लेकिन यह आप के सपनों का शहर नहीं वास्तव में यह आपके लिए मजाक का शहर बन गया लगता है| इस शहर में आप ऐसे अफसरों को भेजते हैं जो रंगरलिया मनाने के लिए चर्चित होते हैं जो गरीबों के आशियाने तोड़ने के पहले यह नहीं सोचते कि आखिर वो जाएंगे कहां? आप ऐसे अफसरों को इंदौर में भेजते हैं जो टीआई की बोली लगाकर पैसा कमाते हैं. आप इंदौर में ऐसे अफसरों को भेजते हैं जो सिर्फ आप की सुनते हैं जो सिर्फ आपके इशारों पर चलते हैं यहां के विधायक और सांसद कहते हैं कि उनकी अफसरों के मामले में सरकार से बिलकुल नही बनती| शिवराजजी, आप जन आशीर्वाद यात्रा, आशीर्वाद प्राप्ति के लिए कर रहे पर जब आपकी जरूरत इंदौर शहर को थी तब क्या आपने इंदौर को आशीर्वाद दिया? आकर यहां साथ खड़े हुए? क्या कारण है कि इतने साल से आप मुख्यमंत्री हैं और इंदौर शहर में भाजपा के मंडल अध्यक्षयों तक को आप नाम से नहीं जानते|

cm shivraj

आप चुनाव में संगठन के कार्यकर्ताओं को कसमें और वादे दिलाते हैं लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि जब मुख्यमंत्री बन जाते हैं तब बीजेपी के मंडल के किसी भी नेता को देखना भी पसंद नहीं करते. आप के साथ दिक्कत यह है कि आप अपने अनुसार चलते हैं| इंदौर के विकास को लेकर कोई मीटिंग मुझे याद नहीं आती है कि शिवराज जी जो अलग-अलग विषयों के जानकार के साथ आप ने इंदौर को लेकर की हो| आप इंदौर शहर को लेकर गंभीरता से नहीं सोचते यही कारण है कि आपने गुटबाजी के डर से इंदौर को एक भी मंत्री नहीं दिया| आजादी के बाद से लगातार कोई ना कोई मंत्री इंदौर से मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल में रहता आया है. इस बार ही इंदौर से कोई नेता मंत्री नहीं बना है यह दुर्भाग्यपूर्ण है| शिवराज जी इंदौर के एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन देने की बात आई तो महीने लग गए| आप के अफसरों को शर्म आना चाहिए जो एयरपोर्ट के विस्तार के लिए मुक्त जमीन देने से इनकार करते हैं जो अक्सर शाम होते ही रंगीन होते हैं और रंगीन होकर अपनी निजी जिंदगी जीने लगते हैं उन अफसरों के भरोसे अपने शहर को कर रखा है|

cm shivraj

ऐसे अफसरों को आप ने भेज रखा है जो गरीबों के मकान तोडना जानते हैं लेकिन उनके लिए मकान बनाने के लिए कोई कोशिश नहीं. शिवराजजी, कभी केंद्र सरकार से साढ़े 4 साल में इंदौर में कोई बड़ा प्रोजेक्ट लाने की कोशिश आप ने नहीं की यदि कोई प्रोजेक्ट आप लाए हैं तो वह मेट्रो प्रोजेक्ट है| जिसकी अगले 20 साल इंदौर को आवश्यकता नहीं क्योंकि यहां पर जब सिटी बस चलती है तो ट्रैफिक जाम हो जाता है शहर की तंग गलियां और बाजारों से मेट्रो ट्रेन कैसे गुजरेगी? शिवराजजी, आप इंदौर के साथ मजाक करना बंद कर दीजिए आप अर्जुनसिंह की तरह इंदौर में आईआईटी ओर आईएम लेकर नहीं आए| आप दिग्विजयसिंह की तरह पीथमपुर को स्पेशल इकोनामिक जोन का दर्जा नहीं दिला पाए आप सुंदरलाल पटवा की तरह इंदौर शहर को सुंदर और विकसित नहीं बना पाए. सफाई के मामले में इंदौर के लोगों ने आगे बढ़कर काम किया इसलिए हम नंबर वन है| शिवराज जी आपकी सरकार के भरोसे तो हम किसी भी मामले में नंबर वन नहीं हो सकते थे| आप तो इंदौर में आते हैं और आकर चले जाते हैं अफसरों से बात करते हैं और किसी भी समझदार से बात करने में आपको परेशानी होती है मीडिया से बात करने में भी आपको तकलीफ होती है आंख मिलाकर बात करने में जिस मुख्यमंत्री को तकलीफ हो भला किसी शहर का विकास कर सकता है|

राजेश राठौर

लेखक, वरिष्ठ पत्रकार

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