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चमकी बुख़ार से नहीं है घबराने की ज़रूरत – स्वास्थ्य मंत्री

Posted on: 25 Jun 2019 21:41 by Mohit Devkar
चमकी बुख़ार से नहीं है घबराने की ज़रूरत – स्वास्थ्य मंत्री

इंदौर: मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में कहीं पर भी चमकी बुखार से घबराने की ज़रूरत नहीं है। स्वास्थ्य अमला को उन्होंने सजग करते हुए इस बुखार के प्रति जागरूकता निर्माण के निर्देश दिए हैं। आज रेसीडेंसी सभाकक्ष इंदौर में उन्होंने इंदौर के स्वास्थ्य अमले की बैठक लेकर चमकी बुखार सहित अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। बैठक में क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. लक्ष्मी बघेल, अधीक्षक एमवाय हॉस्पिटल डॉ. पी. एस. ठाकुर, ओएसडी डॉ.सुमित शुक्ला, सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने इंदौर में इस बुखार के संदर्भ में एक कंट्रोल रूम गठित करने के निर्देश भी दिए। यह कंट्रोल रूम पीसी सेठी हास्पिटल में बनाया जाएगा, इसका दूरभाष नंबर 0731-2537253 रहेगा। श्री सिलावट के निर्देश पर चमकी बुखार के संदर्भ में एक विशेषज्ञ कमेटी भी बनायी गई। कमेटी में क्षेत्रीय संचालक चिकित्सा डॉ. लक्ष्मी बघेल, अधीक्षक एमवाय हास्पिटल डॉ.पी.एस. ठाकुर, सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया, पीसी सेठी हास्पिटल के प्रभारी डॉ. माधव हास्नी और डॉ. सुमित शुक्ला सदस्य रहेंगे। श्री सिलावट ने निर्देश दिए कि प्रत्येक बड़े हास्पिटल में दो बिस्तर इस तरह की गंभीर बुखार के लिए आरक्षित रखे जाएं। श्री सिलावट ने सभी चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ़ के अवकाश निरस्त करने के निर्देश भी दिए।

अंतर विभागीय समन्वय समिति का गठन होगा

स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट ने चमकी बुखार के संदर्भ में अंतर विभागीय समन्वय समिति के गठन के निर्देश भी दिए। इसमें प्रमुख रूप से शिक्षा विभाग, महिला बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग समन्वित रूप से कार्य करेंगे। ज़िले के सभी प्राचार्यों की बैठक लेकर स्वास्थ्य विभाग चमकी बुखार के संदर्भ में लक्षणों और बचाव के तरीक़ों से अवगत कराएगा। सीएमएचओ डॉ. जड़िया ने बताया कि बच्चे संदेश के अच्छे वाहक होते हैं। उन्हें बीमारी के लक्षणों से अवगत कराया जाएगा, ताकि वे अपने गाँव और घर में इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैला सकें। स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट ने निर्देश दिए कि वर्तमान में दस्तक अभियान के तहत एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर-घर जा रहे हैं। उन्हें भी चमकी बुखार के लक्षणों से घर-घर अवगत कराने के निर्देश दिए जाएं।

परिवार का मुखिया मानते हैं तो बनाएँ सेवा को अपना संकल्प

रेसीडेंसी में डॉक्टरों की बैठक को संबोधित करते हुए श्री सिलावट ने कहा कि यदि चिकित्सकगण उन्हें अपने परिवार का मुखिया मानते हैं तो वे सेवा को अपना संकल्प बनाएं। मेरी आपसे यही अपेक्षा है कि दीन दुखियारों का सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज हो। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में वे प्रदेश के एक-एक सरकारी अस्पताल का दौरा करेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए जी जान लगाकर काम करेंगे। उन्होंने शासकीय चिकित्सकों से कहा कि वे अपने सीनियर डॉक्टर्स का मार्गदर्शन भी लें और उनके अनुभवों का लाभ उठाएँ। उन्होंने सरकारी अस्पतालों के प्रमुखों से कहा कि वे स्थानीय नगरीय निकायों से बेहतर तालमेल रखें और उनके समन्वय और सहयोग से अस्पताल परिसर में बेहतर साफ़-सफ़ाई सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि शासकीय अस्पतालों में पृथक से विद्युत आपूर्ति की समानांतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है,ताकि वहाँ पर विद्युत प्रवाह बाधित नहीं हो।

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