अमानत में खयानत न करें,  यह अजी़म गुनाह है-सैयदना

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इंदौर। दाऊदी बोहरा समाज के 53वे धर्मगुरु सैयदना आली कदर मुफ्फद्दल  सैफुददीन मौला ने मोहर्रम के अशरा मुबारका की छठी वआज सोमवार को सैफीनगर मस्जिद में फरमाई। सैयदना साहेब ने फरमाया की कभी भी अमानत में ख्यानत ना करें, यह अजी़म गुनाह है। हमेशा खुदा पर भरोसा रखें, दिल में खौफे खुदा रखने से कभी भी गुनाह नहीं होते एवं बुराईयो से दूरी होती है। नमाज़ पाबंदी  से अदा करें, नमाज़ का जो निर्धारित वक्त है, उस वक्त नमाज़ अदा करें, ईमान सलामत रखें व्  नेक व सुकून की जिंदगी बसर  करें।

सदका करते रहें, इससे मुसीबते दूर हो कर मुश्किले आसान  होती हैं। वाआज में सैयदना साहेब ने सैयदना हातिम मौला (यमन) एवं सैयदना इस्माईल बदरुद्दीन मौला (जामनगर) की शानात की जिक्र फरमाई। सैयदना साहेब ने फरमाया कि  यज़ीदी फौज ने करबला में मोहर्रम की सात तारीख को  इमाम हुसैन व आपके साथियों पर जुल्म सितम करते हुए पानी बंद कर दिया था। समाज की जनसंपर्क समिति मीडिया विभाग के प्रभारी मजहर हुसैन सेठजीवाला व बुरहानुददीन शकरुवाला ने बताया कि वाआज में सैयदना साहेब ने इमाम हसन व इमाम हुसैन की माँ साहेबा माँ फातिमा
(अ.स.) की शानात व शहादत के बयान फरमाए व इमाम हुसैन की शहादत पढ़ी। इस अवसर पर या फातेमा या हुसैन की सदा के साथ अश्ककबार आँखों से पूरजोश मातम हुआ।

मंगलवार  (18 सितंबर) को मोहर्रम की आठ तारीख अशरा मुबारका की सातवी वाआज 51वे  धर्मगुरु सैयदना ताहेर सैफुददीन मौला (रजि) एंव 52 वे धर्मगुरु डॉ सैयदना मोहम्मद बुरहानुददीन मौला (रजि ) की पूर्व में मोहरर्म के अशारा मुबारका की  फरमाई गई वाआज का आडियो विडियो प्रसारण सुबह दस बजे से इंदौर सहित देश विदेश में किया जायेगा ।

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