दिव्यांगजनों को स्पेशल ओलंपिक के लिये किया जा रहा तैयार, स्वास्थ्य परीक्षण का हुआ आयोजन

अमृत महोत्सव’ के तहत देश के दिव्यांगों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए देश के 75 जिलों के बौद्धिक दिव्यांगजनों को स्पेशल ओलंपिक के लिए तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर इंदौर के अभय प्रशाल में स्पेशल ओलंपिक भारत मध्यप्रदेश, जिला प्रशासन तथा सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वाधान बौद्धिक दिव्यांगजनों के स्वास्थ्य परीक्षण/स्क्रीनिंग हेतु भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इंदौर। अमृत महोत्सव’ के तहत देश के दिव्यांगों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए देश के 75 जिलों के बौद्धिक दिव्यांगजनों को स्पेशल ओलंपिक के लिए तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर इंदौर के अभय प्रशाल में स्पेशल ओलंपिक भारत मध्यप्रदेश, जिला प्रशासन तथा सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वाधान बौद्धिक दिव्यांगजनों के स्वास्थ्य परीक्षण/स्क्रीनिंग हेतु भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्री कमल पटेल, कार्यक्रम के अध्यक्ष सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री प्रेमसिंह पटेल, गौरव रणदिवे, कलेक्टर मनीष सिंह, खेल संचालक एहतिशाम उद्दीन, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग सुचिता तिर्की बेक एवं अन्य संबंधित अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, मेडिकल टीम तथा बौद्धिक दिव्यांग बच्चे उपस्थित रहे।

गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्डस हेतु की गई स्टैडिंग जॉगिंग

विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर देश के 75 शहरों में 75 हजार बौद्धिक दिव्यांगजनों द्वारा गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्डस में नाम दर्ज कराने के लिये स्टैंडिंग जॉगिंग की गई। इस प्रयास में इंदौर जिले के भी 67 बौद्धिक दिव्यांग बच्चे शामिल हुए। इन सभी बच्चों द्वारा एक साथ जॉगिंग कर ‘गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में नाम दर्ज कराने के लिये प्रयास किया गया। कार्यक्रम में बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के कल्याण के लिये कार्य कर रहे सभी सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को सम्मानित किया गया।

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इन बच्चों का जीवन सफल और सार्थक हो सके इसी में हम सभी की सार्थकता है

मंत्री कमल पटेल ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है, ना केवल हमारे जिले बल्कि संपूर्ण देश के बौद्धिक दिव्यांग बच्चों द्वारा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने के लिए एक अनूठा प्रयास किया गया है। उन्होंने इंदौर जिले की सामाजिक संस्थाएं जो बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के विकास हेतु निरंतर प्रयासरत हैं उनका अभिनंदन करते हुए कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से इंदौर के बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव रखी जा रही है। स्पेशल ओलंपिक भारत मध्य प्रदेश द्वारा भी बच्चों को स्पेशल ओलंपिक खेलों के लिए तैयार करने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं इसके लिए स्पेशल ओलंपिक भारत की पूरी टीम बधाई की पात्र हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी बच्चे हमारे परिवार के सदस्य हैं, इनके आगे बढ़ने तथा इनकी छुपी हुई प्रतिभाओं को निखारने के लिए हम सभी का सहयोग अति आवश्यक है। इन बच्चों के जीवन में उत्साह और उमंग जागृत हो तथा यह आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनने की ओर अग्रसर हो इसके लिए मध्यप्रदेश शासन प्रतिबद्ध है। यदि इन बच्चों का जीवन सफल और सार्थक हो सके इसी में हम सभी की सार्थकता है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अति संवेदनशील है इन बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के भविष्य को उज्जवल करने के लिए कोई भी कमी नहीं रखेंगे। शासन द्वारा इंदौर में बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के विकास और कल्याण के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में सभी बालक बालिकाओं ने गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने के लिए जो योगदान दिया है उसके लिए भी उनको बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। उन्होंने कहा कि इंदौर जिले में बौद्धिक दिव्यांगजनों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने तथा खेल गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये जो कार्यक्रम आयोजित किया गया है वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शासन बौद्धिक दिव्यांगजनों के समग्र विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा जिससे आगे जाकर यह बच्चे ना केवल प्रदेश का बल्कि पूरे देश का नाम विश्वभर में रोशन करें।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर मनीष सिंह ने दोनों मंत्रियों कमल पटेल एवं प्रेम सिंह पटेल से अनुरोध किया कि वे निराश्रित निधि की राशि इंदौर को सैंक्शन कराएं जिससे बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए शहर में एक स्पोर्ट्स कंपलेक्स जिला प्रशासन द्वारा बनाया जा सके। अभय प्रशाल में लगाये गये स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में इंदौर के 1300 बौद्धिक दिव्यांग बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया तथा प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। इसी दौरान इन सभी बच्चों की विभिन्न खेलों के लिये स्क्रीनिंग भी कराई गई।