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मध्यप्रदेश में काडर बेस पार्टी से जमीनी जंग की तैयारी में कांग्रेस

Posted on: 20 Jun 2018 05:53 by Surbhi Bhawsar
मध्यप्रदेश में काडर बेस पार्टी से जमीनी जंग की तैयारी में कांग्रेस

भोपाल: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चेहरे की बजाए संगठन के दम पर लड़ने की घोषणा के जवाब में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने भी काडर बेस पार्टी (भाजपा) से जमीनी जंग की तैयारी तेज़ कर दी है।

प्रदेश कांग्रेस के समन्वय समिति के अध्यक्ष व सांसद दिग्विजय सिंह के सुझाव पर चौबीस घंटे के भीतर अमल करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने जल्द से जल्द जिला समन्वय समितियों के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस की ओर से सभी शहर और जिला कांग्रेस अध्यक्षों को भेजे गए पत्र में कहा गया है “हर जिले में कांग्रेस की समन्वय समिति गठित की जाना प्रस्तावित है। 5जिसमे प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष, जिले के पूर्व सांसद और विधायक, पूर्व जिला अध्यक्ष, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष और पूर्व महापौर के नाम, पते, फोन नंबर जल्द से जल्द प्रदेश कांग्रेस समिति को भेजे जाने को कहा गया है। दिग्गी राजा ने सोमवार को अपनी अट्ठारह दिवसीय एकता यात्रा के दौरान प्रदेश के सात जिलो में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से रूबरू होने के बाद संघटनात्मक मजबूती के लिए कांग्रेस महासचिव और प्रदेश के प्रभारी दीपक बाबरिया को जल्द से जल्द जिला समन्वय समितियों के गठन का सुझाव दिया था।

सोमवार को बाबरिया को दिए सुझाव में दिग्गी राजा ने कहा था “जिला समन्वय समिति हर सेक्टर, मंडलम, ब्लॉक का दौरा कर स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक लेगी।” जिला समन्वय समिति के गठन के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा “हमारी समिति ने प्रदेश प्रभारी को सुझाव दिया है कि प्रदेश समन्वय समिति के कार्यों के फॉलो अप के लिए तुरंत जिला समन्वय समिति के गठन की आवश्यकता है, जो चुनाव तक स्थानीय पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एकता का तारतम्य बनाए रखे।”

प्रदेश समन्वय समिति के अध्यक्ष श्री सिंह ने आगे बताया “हमने यह भी सुझाव दिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से चुनाव तक हर जिले में जिले के बाहर से चुनाव ना लड़ने वाले एक वरिष्ठ नेता को पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाए। यह पर्यवेक्षक जिला समन्वय समिति का अध्यक्ष होगा और जिला अध्यक्ष समिति का संयोजक। साथ ही यह पर्यवेक्षक हर पंद्रह दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रभारी महासचिव, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश समन्वय समिति के अध्यक्ष को देगा। प्रदेश समन्वय समिति अगस्त के अंत तक  प्रदेश के सभी जिलो का दौरा कर लेगी।

प्रदेश समन्वय समिति ने खुद की तर्ज पर  प्रस्तावित जिला समन्वय समिति के सदस्यों को भी संघटनात्मक मजबूती के दृष्टिगत पंगत में संगत करने का सुझाव भी दिया है। प्रदेश समन्वय समिति 31 मई से अब तक प्रदेश के टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, रायसेन, विदिशा, सागर, दमोह और होशंगाबाद जिलो का दौरा कर स्थानीय नेताओं से रूबरू हो चुकी है।

इससे पहले दिग्गी राजा करीब साढ़े छह महीने की नर्मदा परिक्रमा पदयात्र के दौरान प्रदेश की करीब 115 विधानसभा सीटों का दौरा कर चुके है। एसे में देखना रोचक होगा कि 2018 के विधानसभा चुनाव में काडर बेस पार्टी भाजपा को जमनी स्तर पर टक्कर देने की दिग्गी राजा की यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है।

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