आडम्बर की आग से देश को बचाना जरुरी – दिग्विजय सिंह

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मध्यप्रदेश के इंदौर में शनिवार को आनंद मोहन माथुर चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित किये गए अखिल भारतीय महिला समाज सेविका सम्मान में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने सम्बोधन में देश में बाद रहे फेक न्यूज़ और महात्मा गाँधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताये जाने पर चिंता जाहिर की है.

पूर्व सीएम ने कहा कि आज सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें चलते हैं। फेक न्यूज़ आज आतंकवाद से भी बड़ा खतरा बन चुका है। मैंने अनेक स्टडीज को देखा है समझा है कि फेक न्यूज़ से जितनी घृणा और नफरत चलाया जा सकता और किसी के माध्यम से नहीं चलाया जा सकता है और ये दुर्भाग्य है हम हमारी सरकार इस फेक न्यूज़ पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं। कई देशों ने इस पर चर्चा करने का प्रयास किया है कानून भी बनाया है लेकिन अब भी बहुत कुछ होना बाकि है।

दिग्विजय सिंह ने कहा, टेक्नोलॉजी का युग भी है और टेक्नोलॉजी से चुनाव भी हो रहे है और नतीजे भी आ रहे है। जैसा कि मैंने कहा हम लोग तो लड़ना जानते हैं, अपनी बात कहना जानते हैं कई बार मुझे घर में टोका जाता है कि इतनी बात मत करो। जब चारों तरफ का माहौल देखते हैं झूठ का अम्बार देखते हैं झूठ को सच होते देखते है तो चुप नहीं रह सकते हैं। हमें बोलना पडेगा हम बोलेंगे हम ट्रोल होंगे गालियां पड़ेगी हमारे बारे में न जाने कितनी बातें कही जाएगी लेकिन डर के इस देश को नहीं बचाया जा सकता है हमें लड़ना पडेगा।

सिंह ने कहा, बहुत सारे लोग आज इस बात से आश्चर्यचकित है कि राहुल गाँधी ने अपना पद क्यों छोड़ दिया लेकिन आपने उनके चार पैन का स्टेटमेंट में देखा हो उसमे साफ लिखा है कि आज सत्ता की चिंता मत करो आज देश की चिंता करो आज देश जो आडम्बर की आग जल रहा है उसे बचाना जरुरी है और शुरुआत हमें अपने मोहल्ले से, अपने शहर से अपने गाँव से करनी पड़ेगी हो सकता है गालियां पड़ेगी पत्थर भी पड़ेंगे, गोलियां भी पड़ेगी।

इस दौरान दिग्विजय सिंह ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताये जाने पर बीजेपी पर निशाना साधा और कहा, महात्मा गाँधी को मारने वालों को आज देशभक्त कहा जा रहा है हम कभी नहीं सोच सकते थे कि महात्मा गांधी की हटाया करने वालों की आज मूर्तियां लगाई जा रही है उस व्यक्ति को देशभक्त कहा जा रहा है क्या यही भारत है क्या हम लोगों ने उस महात्मा के प्रति यही अपनी वफादारी अपनी कृतज्ञता दिखाई है जिसने कोई भी पद ना लेते हुए अपने प्राण दिए क्या प्रति अपनी आवाज नहीं उठा सकते और जा जो लोग नाथूराम गोडसे से प्रेरणा लेते हैं, नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहते है हम उनके खिलाफ खड़े नहीं हो सकते हमें लगना होगा।

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