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व्हाट्सएप पर प्रत्याशियों की सूची और गुस्से वाले पत्र हो रहे वॉयरल

Posted on: 02 Nov 2018 14:10 by Pinki Rathore
व्हाट्सएप पर प्रत्याशियों की सूची और गुस्से वाले पत्र हो रहे वॉयरल

चुनाव के इस मौसम में व्हाट्सएप जर्नलिज्म उफान पर है।सुबह दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य राहुल गांधी के सामने लड़ते हैं तो दोपहर तक इस झगड़े से खफा होकर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सीपी शेखर अपने इस्तीफे वाला पत्र प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को भेज देते हैं और शाम ढलने तक भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान व्यथित होकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लिखे पत्र में शिवराज और कैलाश विजयवर्गीय द्वारा की जा रही उपेक्षा से अवगत करा देते हैं।

गत लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जिस खूबसूरती से सोशल मीडिया वाले हथियार से अपनी जीत ऐतिहासिक आंकड़ों में बदली थी, वही सोशल मीडिया अब इन प्रमुख पार्टियों के लिंए जी का जंजाल बन गया है।कांग्रेस और भाजपा ने प्रत्याशियों की पहली सूची एक नवंबर की देर शाम तक जारी नहीं की थी लेकिन व्हाट्सएप पर दोनों ही पार्टियों के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर से जारी सूचियां रोज जारी हो रही हैं। इन सूचियों में व्यक्त अनुमान यदि सही हो सकते हैं तो उत्तर से पारस जैन और कांग्रेस के राजेंद्र भारती में मुकाबला हो रहा है। इसी तरह दक्षिण से मोहन यादव का सामना कांग्रेस के राजेंद्र वशिष्ठ करेंगे। आलोट से भले ही गुड्डू अपने पुत्र अजीत के लिए टिकट मांग रहे हो लेकिन सूची में आलोट से प्रेमचंद गुड्डू का ही नाम है।

चार दिन पहले दिग्विजय सिंह का एआईसीसी जनरल सेक्रेटरी की हैसियत वाला पत्र वॉयरल हुआ था जिसमें वे राष्ट्रीय अध्यक्ष को मप्र की गुटबाजी से अवगत कराने के साथ ही ठोस सुझाव भी दे रहे हैं। आज शाम को मुकुल वासनिक के हस्ताक्षर से डेढ़ सौ प्रत्याशियों के नाम वाली सूची जारी हो गई। इससे पहले सुबह दिल्ली में टिकटों के वितरण को लेकर राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई बैठक में दिग्गी-ज्योति खूब झगड़ लिए। यह किस्सा वॉयरल हुआ और कांग्रेस में राहुल के मालवा निमाड़ दौरे में दिग्गी राजा की अनुपस्थिति के कारण तलाशे जा रहे थे कि शाम तक दिग्विजय ने ट्विट कर बताया कि ऐसा कोई झगड़ा हुआ ही नहीं। हम सब तो विभिन्न नामों पर फायनल चर्चा कर रहे थे।

कांग्रेस की तरह भाजपा भी व्हाटसएप वॉर से परेशान है। प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान का अमित शाह के नाम लिखा पत्र चर्चा में आ गया कि वे शिवराज और विजयवर्गीय द्वारा टिकट वितरण में उनकी नहीं सुने जाने, उनके सुझाए नामों को टिकट न दिए जाने से दुखी हैं। इस पत्र में नंदू भैया ने अमित शाह को यह भी याद दिलाई कि जब गुजरात में हालत खराब चल रही थी तब पार्टी ने राजपूत मतदाताओं को मनाने के लिए उनकी सेवा ली थी लेकिन बाद में इस समाज की भी उपेक्षा की गई। इस पत्र को अमित शाह ने कितनी गंभीरता से लिया उनकी वो जानें लेकिन नंदू भैया तो दौड़ पड़े इंदौर इस फर्जी पत्र की रिपोर्ट लिखाने और पता करने की इंदौर से किसने जारी किया।

पर्यटन निगम अध्यक्ष तपन भौमिक ने भी तो टिकट नहीं मिलने से खफा होकर पार्टी नेताओं के खिलाफ गुस्सा जाहिर कर डाला था, इस पत्र के चर्चा में आने के बाद भौमिक ने खुद स्पष्ट किया कि उन्होंने तो ऐसा कोई पत्र लिखा ही नहीं था।

कीर्ति राणा की कलम से

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