जानिए, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही क्यों मनाते है-“ज्योतिष दिवस” | Know, why do Chaitra Shukla celebrate the day of Pratipada – “Astrology Day”

0
89
astronomy sarvesh guruji

हम सभी जानतें है कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि अत्यंत पवित्र तिथि है और शास्त्रानुसार आज ही के दिन “ज्योतिष-दिवस” भी होता है इसके अनेक कारण है जैसे –

1. आज ही दिन ब्रम्हा ने सृष्टि का निर्माण किया था।
2. ज्योतिष का अर्थ है -प्रकाश। आज ही के दिन सृष्टि में प्रथम बार प्रकाश का आविर्भाव प्रथम सूर्योदय के साथ हुआ था।
3. आज ही के दिन से काल गणना का आरम्भ हुआ था।
4. आज ही के दिन भगवान का मत्स्यावतार हुआ था।
5. आज ही के दिन सतयुग का आरम्भ हुआ था।
6. आज ही के दिन विक्रम संवत आरम्भ हुआ था।

इस प्रकार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन सम्पूर्ण मानव जाती के लिए विशेष महत्त्वपूर्ण है।

Read more : पाकिस्तान के बलूचिस्तान में है देवी हिंगलाज का मुख्य मंदिर, मुस्लिम मानते हैं इसे नानी का हज

* आज के दिन का ज्योतिषीय महत्त्व –
=========================
यहाँ हमारे लिए ज्योतिषीय दृष्टि से विशिष्ट बात यह है कि आज से “एक अरब सत्तानवे करोड़ उन्तीस लाख उनचास हजार एक सौ उन्नीस सौरवर्ष” पूर्व आज ही के दिन प्रथम बार सूर्योदय हुआ और सूर्योदय के साथ ही सूर्य के प्रकाश में ब्रह्माण्ड के सारे ग्रह-नक्षत्र -तारे चमकने लगे अर्थात् सुर्योदय के साथ ही नवग्रह, सत्ताईस नक्षत्र और बारह राशियों का भी उदय हुआ। काल गणना का आरम्भ आज ही दिन से हुआ था। आज का दिन सृष्टि के प्रथम युग सतयुग का प्रथम दिवस भी है। इस प्रकार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण होने के कारण ज्योतिष-दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Read more : हमारी धर्म-संस्कृति समझने बड़ी दूर से आए हैं

* ज्योतिष दिवस कैसे मनाएं –
===================
1. आज के दिन अपने ज्योतिष-कार्यालयों, घरों ,मंदिरों की विशेष सजावट करें।
2. आज के दिन ब्रह्माजी के साथ-साथ सूर्य , पंचांग और ज्योतिष ग्रंथों की भी पूजन करें।
3. अपने ज्योतिष मित्रों और ज्योतिष अनुरागियों को शुभ-कामना और बधाई सन्देश प्रेषित करें।
4. यदि संभव हो तो आज के दिन ज्योतिष सम्बन्धी सभा-संगोष्ठी आदि का आयोजन करें।

“ज्योतिष-दिवस”, ज्योतिष-अध्यात्म और सम्पूर्ण ऋषि परंपरा के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव प्रकट करता है।

सर्वेश गुरुजी डॉ सर्वेश्वर शर्मा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here