धनकुबेर होने के साथ भी बहुत कुछ हैं तेलंगाना के रेड्डी | Dhankuber: Telangana’s Reddy

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दादाजी के नाम पर देश के नवगठित राज्य तेलंगाना का एक पूरा जिला, संपत्ति खरबों तक पहुंचने की स्थिति में, पत्नी हिंदुस्तान के बड़े अस्पताल समूह की प्रबंध निर्देशक और खुद क्वालिफाइड इंजीनियर होने के साथ सफल व्यवसायी। ये सारी विशेषताएं किसी एक व्यक्ति में तलाशी जाएं तो निश्चित ही वह देश के सबसे अमीर नेताओं में शुमार कांग्रेस के विश्वेश्वर रेड्डी ही हो सकते हैं।

तेलंगाना की चेवेल्ला सीट से सांसद रेड्डी की पारिवारिक संपत्ति बीते चुनाव यानी 2014 की तुलना में 387  करोड़ रुपए से बढ़कर नो सौ करोड़ रुपए के करीब पहुंच गई है। हालांकि इतनी अकूत दौलत के बाद भी उनके पास अपनी कोई कार नहीं है। यह जानकारी उन्होंने सत्रहवीं लोकसभा के लिए दाखिल नामांकन पत्र के साथ शपथ पत्र पर दी है। रेड्डी के पास बतौर चल संपत्ति सवा दो सौ करोड़ की मिल्कियत है, जबकि अपोलो अस्पताल की संयुक्त प्रबंध निर्देशक उनकी पत्नी की चल संपत्ति छङ सौ करोड़ रुपए से ज्यादा ही ठहरती है। वे अपोलो समूह, चेन्नई के चेयरमेन डॉ. प्रताप सी रेड्डी की बेटी हैं।

इन दोनों अरबपति माता-पिता का बेटा भी 20 करोड़ की चल संपत्ति का स्वामी है। इंजीनियर से राजनेता बने रेड्डी के हलफनामे से खुलासा होता है कि उनके ही नहीं परिवार के किसी भी सदस्य के पास भी कार नहीं है। अलबत्ता उनके पास 36 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। वहीं पत्नी की अचल संपत्ति करीब दो करोड़ की है। संपत्ति के लिहाज से रेड्डी आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्राबाबू नायडू, वहां के कैबिनेट मंत्री पी नारायण और वाइएसआर कांग्रेस के प्रमुख वाइएस जगनमोहन रेड्डी से भी कहीं आगे है।

तेलंगाना राज्य बनाने की आंदोलन की पृष्ठभूमि से आए रेड्डी ने बीता चुनाव तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के टिकट पर ही लड़ा था, लेकिन कुछ माह पहले हुए विधानसभा चुनाव से पहले वे कांग्रेस में शामिल हो गए और उन्हें उसी सीट से टिकट दे दिया गया। वे कोंडा वेंकट रंगा रेड्डी के पोते हैं, जिनके नाम पर रंगा रेड्डी जिला है। वे तेलंगाना के फ्रीडम फाइटर और आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री रहे। रेड्डी ने इंजीनियरिंग में यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका से मास्टर डिग्री की है। न्यू जर्सी के इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में बतौर एडजंक्ट फैकल्टी काम भी किया। इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट से जुड़ी कंपनी सिटाडेल की स्थापना की। पेटिंग के साथ एडवेंचर स्पोट्र्स के शौकीन रेड्डी व्हाइट वाटरकायकिंग, राफ्टिंग, ट्रेकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, और ऑल्ड फॉर्ट्स में भी भागीदार रहे हैं।

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